नई दिल्ली | रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने आज दिल्ली छावनी स्थित राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के गणतंत्र दिवस शिविर (RDC) 2026 का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने देशभर से आए कैडेटों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें ‘विकसित भारत 2047’ का आधार स्तंभ बताया।
शानदार गार्ड ऑफ ऑनर और बैंड प्रस्तुति
रक्षा राज्य मंत्री के आगमन पर एनसीसी कैडेटों ने उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया। इसके पश्चात ग्वालियर के सिंधिया स्कूल के कैडेटों ने एक शानदार बैंड प्रस्तुति दी, जिसकी मंत्री ने काफी सराहना की।
स्टार्टअप इंडिया और स्वदेशी का आह्वान
कैडेटों को संबोधित करते हुए संजय सेठ ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक राष्ट्रीय त्योहार नहीं, बल्कि संविधान और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी पहलों का जिक्र करते हुए बताया कि पिछले दशक में भारतीय स्टार्टअप्स की संख्या 800 से बढ़कर 2 लाख से अधिक हो गई है। उन्होंने युवाओं को स्वदेशी सोच के साथ स्वदेशी उत्पादों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
साहसिक कारनामों की सराहना
रक्षा राज्य मंत्री ने वीर बिरसा मुंडा साइक्लोथॉन में भाग लेने वाले उन 15 कैडेटों की प्रशंसा की, जिन्होंने रांची से दिल्ली तक 1300 किलोमीटर की दूरी तय करके राष्ट्रीय एकता और बिरसा मुंडा के मूल्यों का प्रसार किया। साथ ही, उन्होंने 2025 में माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने वाले 10 एनसीसी कैडेटों के साहस को भी सराहा।
‘फ्लैग एरिया’ और ‘हॉल ऑफ फेम’ का निरीक्षण
दौरे के हिस्से के रूप में, संजय सेठ ने ‘फ्लैग एरिया’ का भी दौरा किया, जिसे सभी 17 निदेशालयों के कैडेटों ने विभिन्न सामाजिक जागरूकता विषयों पर तैयार किया था। उन्होंने ‘हॉल ऑफ फेम’ का भी निरीक्षण किया, जहां कैडेटों ने एनसीसी के गौरवशाली इतिहास और प्रशिक्षण गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।
विकसित भारत का संकल्प
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कैडेटों से भविष्य की चुनौतियों का सामना करते हुए कर्तव्य, देशभक्ति और संवैधानिक मूल्यों के प्रति दृढ़ रहने का आग्रह किया। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए कठिन परिश्रम का आह्वान किया और तिरंगे के सम्मान को सदैव सर्वोच्च रखने की अपील की।
