लखनऊ। भारत माता के महान सपूत नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती ‘पराक्रम दिवस’ के अवसर पर शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में आपातकालीन परिस्थितियों से बचाव एवं जन-जागरूकता के उद्देश्य से ब्लैकआउट मॉक ड्रिल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का निरीक्षण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मॉक ड्रिल सामान्य एवं विषम परिस्थितियों में सतर्क रहने की प्रेरणा देती है। युद्धकाल हो या शांतिकाल, आपदा या आकस्मिक दुर्घटना—हर स्थिति में First Responder के रूप में नागरिक सुरक्षा संगठन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसे समाज ने निर्विवाद रूप से स्वीकार किया है।
ब्लैकआउट मॉक ड्रिल में नागरिक सुरक्षा संगठन, उत्तर प्रदेश पुलिस, एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) एवं अन्य संबंधित विभागों के कार्मिकों और स्वयंसेवकों ने सहभागिता करते हुए आपसी समन्वय का प्रदर्शन किया। अभ्यास का उद्देश्य आपात स्थितियों में त्वरित, प्रभावी एवं संगठित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना रहा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मॉक ड्रिल में शामिल सभी विभागों के अधिकारियों, कार्मिकों एवं स्वयंसेवकों की सराहना करते हुए उन्हें सफल आयोजन के लिए बधाई एवं अभिनंदन दिया। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि वे आपात परिस्थितियों में संयम, सजगता और प्रशासन के निर्देशों का पालन करे।
