लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और उपस्थित कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जनपदों और अन्य राज्यों में भी समाजवादी पार्टी की ओर से गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
ध्वजारोहण के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि देश को मजबूत, समृद्ध और खुशहाल बनाने का संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने कहा कि आजादी भगत सिंह से लेकर महात्मा गांधी तक असंख्य बलिदानों के बाद मिली है और हमारा दायित्व है कि संविधान द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलते हुए देश को आगे बढ़ाएं।
अखिलेश यादव ने मौजूदा हालात पर सवाल उठाते हुए कहा कि आजादी के दशकों बाद भी किसान की हालत चिंताजनक है। महंगाई और बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है, जबकि तमाम दावों के बावजूद आम जनता को बुनियादी सुविधाएं तक पूरी तरह उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने कहा कि विकास के आंकड़े जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते।
अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का जिक्र करते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि दुनिया में हालात असामान्य होते जा रहे हैं। कई वर्षों से युद्ध चल रहे हैं और वैश्विक स्तर पर अस्थिरता बढ़ी है, लेकिन इन्हें सामान्य मानकर लोगों को जीने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
पर्यावरण और प्रदूषण के मुद्दे पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि नदियों का पानी गंभीर रूप से प्रदूषित हो चुका है। कई नदियों के पानी में खतरनाक रसायन पाए जा रहे हैं और औद्योगिक अपशिष्ट सीधे नदियों में छोड़ा जा रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर भी चिंता जताई और कहा कि गरीबों को अस्पतालों में समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने कहा कि किसान की आय दोगुनी नहीं हुई, बल्कि उसकी उपज से मुनाफा कमाने वाले बिचौलियों की संख्या बढ़ी है। असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों की स्थिति भी चिंताजनक है, जिस पर सर्वोच्च न्यायालय को भी संज्ञान लेना पड़ा है। उन्होंने विदेशी उत्पादों और आत्मनिर्भरता के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने की बात केवल विज्ञापनों तक सीमित रह गई है।
राजनीतिक मुद्दों पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने पौराणिक और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करने के बजाय उन्हें नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि एसआईआर जैसे प्रयासों के जरिए वोट काटने की साजिश हो रही है, जिससे लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों पर खतरा पैदा हो सकता है।
गणतंत्र दिवस समारोह में पार्टी के कई सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री, पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समर्थक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के संकल्प के साथ हुआ।
