लखनऊ। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के पश्चात मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और संविधान के प्रति निष्ठा, समर्पण और कर्तव्यबोध के साथ राष्ट्र निर्माण में आगे बढ़ने का संकल्प दोहराया।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि गणतंत्र दिवस भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक परंपराओं और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारे संविधान ने देश को एक सशक्त दिशा दी है और प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार प्रदान किए हैं। साथ ही यह भी सिखाता है कि अधिकारों के साथ कर्तव्यों का पालन करना भी उतना ही आवश्यक है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और संविधान निर्माताओं को नमन करते हुए कहा कि उनके त्याग और बलिदान के कारण ही आज भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र बना है। उन्होंने प्रदेशवासियों से संविधान की गरिमा और मर्यादा बनाए रखने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश बीते कुछ वर्षों में विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। कानून व्यवस्था में सुधार, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, औद्योगिक निवेश, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से प्रदेश तेजी से प्रगति की ओर बढ़ रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी वर्ग पीछे न छूटे।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “विकसित भारत” के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि यह लक्ष्य सामूहिक प्रयास से ही संभव है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उत्तर प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और आने वाले समय में प्रदेश देश की आर्थिक प्रगति का मजबूत आधार बनेगा।
युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, तकनीक, नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से देश और प्रदेश के विकास में योगदान देने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण के बिना समग्र विकास की कल्पना अधूरी है।
मुख्यमंत्री ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता को भी राष्ट्र निर्माण का अहम आधार बताया। उन्होंने नागरिकों से स्वच्छ भारत अभियान को और मजबूत करने, पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और समाज में आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगान का गायन किया गया और प्रदेश की खुशहाली, शांति और समृद्धि के लिए कामना की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक को ईमानदारी, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
कार्यक्रम का समापन भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष के साथ हुआ। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रदेश भर में देशभक्ति, उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला।
