लखनऊ। आगरा एक्सप्रेसवे पर रविवार तड़के बड़ा हादसा टल गया। दिल्ली से गोंडा जा रही एक तेज रफ्तार एसी बस का अचानक टायर फटने से नियंत्रण बिगड़ गया और कुछ ही पलों में बस में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी बस आग के गोले में बदल गई। लेकिन ड्राइवर की समझदारी और त्वरित कार्रवाई से सभी 40 यात्री सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए। यह घटना सुबह करीब 4:45 बजे काकोरी थाना क्षेत्र में हुई।

टायर फटते ही उठी आग, बाल-बाल बचे यात्री
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस लगभग 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही थी। अचानक पीछे का टायर तेज धमाके के साथ फट गया। चालक ने तुरंत बस को किनारे लगाकर ब्रेक लगाया। इसी बीच टायर से धुआं उठने लगा और कुछ ही सेकंड में आग भड़क गई। आग इतनी भीषण थी कि बस के भीतर रखा सारा सामान जलकर राख हो गया।
अफरा-तफरी में यात्रियों ने छोड़ा सामान
दिल्ली से गोंडा जा रही बस (नंबर BR28P6333) में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सहित 40 यात्री सवार थे। धमाका सुनते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया। ड्राइवर और परिचालक ने दरवाजे खोलकर यात्रियों को बाहर निकाला। लोग जान बचाने के लिए बिना सामान लिए बाहर भागे। गनीमत रही कि आग फैलने से पहले सभी सुरक्षित बस से बाहर आ गए।
धुएं से ढक गया आसमान, दूर से दिखी लपटें
आग लगने के बाद बस से उठता काला धुआं दो किलोमीटर दूर तक नजर आ रहा था। सुबह-सुबह एक्सप्रेसवे पर गुजर रहे वाहन चालक रुक गए। कई लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन लपटों की तीव्रता के कारण कोई पास नहीं जा सका। सूचना पर दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
ड्राइवर की बहादुरी बनी यात्रियों की ढाल
यात्रियों ने बताया कि अगर ड्राइवर ने कुछ सेकंड की भी देर की होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। उसकी सूझबूझ और साहस के कारण ही सभी की जान बची। स्थानीय लोगों ने भी चालक की सराहना करते हुए उसे सम्मानित करने की मांग की है।
जांच में जुटी पुलिस, टायर ब्लास्ट से आग की आशंका
मौके पर पहुंची काकोरी पुलिस ने बस का मुआयना किया और यात्रियों के बयान दर्ज किए। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि टायर फटने के बाद घर्षण और अत्यधिक गर्मी से आग लगी। हालांकि इंजन में शॉर्ट सर्किट की संभावना को भी खारिज नहीं किया गया है। फायर विभाग की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बस कंपनी की लापरवाही पर उठे सवाल
घटना के बाद यात्रियों ने बस कंपनी की मेंटेनेंस नीति पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि बस के टायर पुराने थे और यात्रा से पहले जांच नहीं की गई थी। परिवहन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और तकनीकी खामी साबित होने पर कंपनी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
हादसे ने फिर उठाया सड़क सुरक्षा पर सवाल
यह हादसा एक बार फिर हाई-स्पीड बसों की सुरक्षा और नियमित जांच पर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम और समय-समय पर निरीक्षण से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
