उन्नाव। नगर पंचायत भगवंतनगर में सरकारी भूमि पर कब्जे की कोशिश विफल होने के बाद विवाद गहराता जा रहा है। अब नगर पंचायत अध्यक्ष आशीष शुक्ला और पत्रकार अनिल वर्मा को फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकियां मिल रही हैं। बताया जा रहा है कि कब्जा करने का प्रयास करने वाला व्यक्ति खुद को संघ का पदाधिकारी बताकर लंबे समय से प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, रविवार की रात आरआरबीएन इंटर कॉलेज के सामने अनुसूचित जाति के कथित संघ नेता और सफेदपोश भूमाफिया ने सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण शुरू कर छत डालने का प्रयास किया था। सोमवार को नगर पंचायत अध्यक्ष ने इस पर आपत्ति जताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। स्थानीय निवासियों के दबाव में नगर पंचायत की आकस्मिक बैठक बुलाई गई, जिसमें सर्वसम्मति से अवैध निर्माण को ढहाने का प्रस्ताव पारित किया गया और निर्माण हटवा दिया गया।इस दौरान पत्रकार अनिल वर्मा ने मौके से कवरेज करते हुए मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसी के बाद से संबंधित व्यक्ति नगर पंचायत अध्यक्ष और पत्रकार को फर्जी एससीएसटी और छेड़खानी जैसे मुकदमों में फंसाने की धमकियां दे रहा है। अध्यक्ष आशीष शुक्ला ने कहा कि उन्होंने जनहित में कार्य किया है और किसी भी दबाव में नहीं आएंगे।
तालाब की भूमि पर फिर विवाद, अवैध निर्माण हटाने की मांग
नगर पंचायत भगवंतनगर स्थित तालाब की भूमि, गाटा संख्या 52 का पुराना विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। महेशखेड़ा निवासी हितेंद्र प्रताप सिंह पुत्र हौसला बख्श सिंह ने एसडीएम रणवीर सिंह को प्रार्थनापत्र देकर तालाब की भूमि पर बने अवैध निर्माणों को हटाने की मांग की है।हितेंद्र सिंह ने अपनी शिकायत के साथ तत्कालीन लेखपाल पंकज मिश्रा की जांच रिपोर्ट की प्रति भी संलग्न की है, जिसमें गढ़ेवा स्थित गाटा संख्या 52 पर अनिल कुमार वर्मा समेत 26 लोगों के निर्माण की पुष्टि की गई थी। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के बावजूद अब तक प्रशासन ने कोई बेदखली कार्रवाई नहीं की है।इस मामले में कई स्थानीय नेता, अधिवक्ता और भाजपा संगठन के क्षेत्रीय पदाधिकारी भी अवैध कब्जे हटाने की मांग के समर्थन में सामने आए हैं। एसडीएम रणवीर सिंह ने तहसीलदार को पूरे प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
