बाराबंकी। जनपद के सरकारी संस्थानों में अनुशासन और कार्यसंस्कृति को सुधारने के लिए जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने बुधवार सुबह कड़ा रुख अपनाया। जिलाधिकारी ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) जहांगीराबाद का औचक निरीक्षण किया, जहां बड़े पैमाने पर लापरवाही और समयपालन में खामियां उजागर हुईं।
40 से अधिक कर्मचारी मिले अनुपस्थित, मचा हड़कंप
निरीक्षण के दौरान जब जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और उपस्थिति रजिस्टर व बायोमेट्रिक हाजिरी की जांच की, तो स्थिति चौंकाने वाली थी। आईटीआई के नोडल प्रधानाचार्य आशुतोष सिंह सहित जहांगीराबाद, बनीकोडर और सिरौलीगौसपुर केंद्रों के 40 से अधिक कार्मिक निर्धारित समय के बाद भी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे थे। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी संबंधितों से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा है और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
छात्रों की कम उपस्थिति पर जताई चिंता
संस्थान में छात्रों की संख्या भी उम्मीद से कम मिलने पर जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि युवाओं के कौशल विकास के साथ कोई समझौता न किया जाए। प्रशिक्षण को केवल कागजी न रखकर व्यावहारिक और रोजगारोन्मुख (Job Oriented) बनाया जाए ताकि युवाओं को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।
परिसर का भ्रमण और सुधारात्मक निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संस्थान परिसर का जायजा लिया और टाटा मोटर्स के प्रशिक्षण केंद्र का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों और उद्योगों की जरूरत के हिसाब से प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार लाया जाए। इस दौरान प्रशिक्षु आईएएस विद्यांशु शेखर झा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
