नई दिल्ली: भारत ने चीन और पाकिस्तान द्वारा जम्मू-कश्मीर को लेकर जारी किए गए संयुक्त बयान पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस बयान में की गई टिप्पणियों को पूरी तरह से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के संप्रभु हिस्से हैं। इसके साथ ही, भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श एवं समन्वय कार्य तंत्र (WMCC) की 35वीं बैठक में भी भारत ने सीमा पार नदियों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है।
चीन-पाकिस्तान के संयुक्त बयान पर भारत का करारा जवाब
हाल ही में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ चीन के दौरे पर थे, जहां उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। इस दौरे के बाद दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाया। चीन ने इस विवाद को पुराना बताते हुए कहा कि इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर, सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और द्विपक्षीय समझौतों के तहत शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाना चाहिए।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा:
”भारत, जम्मू-कश्मीर पर चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में की गई अनावश्यक टिप्पणियों को पूरी तरह खारिज करता है। केंद्र सरकार का रुख हमेशा से स्पष्ट रहा है— जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से थे, हैं और हमेशा रहेंगे। किसी भी अन्य देश को हमारे आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।”
WMCC की 35वीं बैठक: सीमा पार नदियों पर भारत का जोर
दूसरी तरफ, भारत और चीन के बीच सीमा मामलों पर परामर्श एवं समन्वय कार्य तंत्र (WMCC) की 35वीं बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में दोनों पक्षों के बीच परिसीमन, सीमा प्रबंधन, तंत्र निर्माण और सीमा सहयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक के नतीजों की जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि भारत ने विशेष रूप से सीमा पार नदियों (Cross-Border Rivers) के मुद्दे पर ध्यान केंद्रित किया है।
- विशेषज्ञ स्तरीय बैठक की मांग: भारतीय पक्ष ने दोनों देशों के बीच सीमा पार नदियों पर अगली विशेषज्ञ स्तरीय बैठक जल्द से जल्द आयोजित करने पर जोर दिया।
- समझौतों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता: भारत ने साफ किया कि वह सीमा पार नदियों पर हुई पिछली वार्ताओं में हुए सभी समझौतों को आगे बढ़ाना चाहता है।
- चीन में होगी अगली बैठक: दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए हैं कि अगली वार्ता के लिए ठोस तैयारी की जाएगी, जिसका आयोजन इस बार चीन में होना तय हुआ है।
मुख्य बिंदु एक नज़र में:
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विषय |
भारत का रुख / निर्णय |
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जम्मू-कश्मीर मुद्दा |
चीन-पाक के संयुक्त बयान को खारिज किया; कश्मीर-लद्दाख को भारत का अटूट हिस्सा बताया। |
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WMCC 35वीं बैठक |
सीमा प्रबंधन, परिसीमन और सहयोग तंत्र पर विस्तृत चर्चा। |
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सीमा पार नदियाँ |
अगली |
विशेषज्ञों का मानना है कि एक तरफ जहाँ भारत चीन के साथ सीमा और नदी जल प्रबंधन जैसे तकनीकी मुद्दों पर कूटनीतिक बातचीत जारी रखे हुए है, वहीं देश की संप्रभुता और अखंडता के मुद्दे पर भारत ने अपनी ‘नो-कॉम्प्रोमाइज’ (कोई समझौता नहीं) की नीति को एक बार फिर वैश्विक मंच पर साफ कर दिया है।
