नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें एपिसोड में देश के उभरते हुए एथलीटों की हौसलाअफजाई की। पीएम मोदी ने रांची में आयोजित हुई ‘नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता’ की तारीफ करते हुए कहा कि वहां चार अलग-अलग स्पर्धाओं में चार नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूटे। उन्होंने रिकॉर्ड बनाने वाले खिलाड़ी गुरिंदरवीर सिंह, विशाल टीके, तेजस्विन शंकर, देव मीना और कुलदीप कुमार को विशेष तौर पर बधाई दी।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने दो बेहतरीन एथलीटों— गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर से फोन पर खास बातचीत भी की, जिसे पूरे देश ने सुना।
फुटबॉल के मैदान से एथलेटिक्स के ट्रैक तक: अनिमेष कुजूर का सफर
पीएम मोदी से बातचीत के दौरान एथलीट अनिमेष कुजूर ने अपने इस मुकाम तक पहुँचने की दिलचस्प कहानी साझा की। अनिमेष ने बताया:
”मैंने 2021 में अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद ही एथलेटिक्स की दुनिया में कदम रखा था। जब कोविड का दौर खत्म हो रहा था, तब मेरे फुटबॉल खेलने वाले दोस्तों ने मुझे स्टेट लेवल कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेने की सलाह दी। मैंने भाग तो लिया, लेकिन मुझे नेशनल लेवल के चयन की कोई जानकारी नहीं थी। किस्मत ने साथ दिया, मेरा चयन नेशनल लेवल पर हुआ और पिछले साल मैंने नेशनल एशियन मेडल और वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में मेडल जीता। आज मुझे गर्व है कि मैं इंटरनेशनल लेवल पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहा हूँ।”
वर्दी और ट्रैक दोनों पर देश की सेवा कर रहे गुरिंदरवीर
100 मीटर की दौड़ में नया नेशनल रिकॉर्ड बनाने वाले एथलीट गुरिंदरवीर सिंह ने पीएम मोदी को बताया कि वे भारतीय नौसेना (Indian Navy) में पेटी ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। गुरिंदरवीर ने गर्व से कहा:
”मैं 10.1 सेकंड से कम समय में 100 मीटर की रेस पूरी करने वाला पहला भारतीय हूं। मेरे लिए गर्व की बात है कि मैं ट्रैक पर दौड़कर और अपनी नौसेना की वर्दी पहनकर, दोनों ही रूपों में देश की सेवा कर रहा हूं।”
पिता और ‘फ्लाइंग सिख’ मिल्खा सिंह हैं प्रेरणा
अपनी प्रेरणा के बारे में बात करते हुए गुरिंदरवीर भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि उनके पिता ही उनके पहले कोच और प्रेरणास्रोत रहे हैं। गुरिंदरवीर ने कहा:
- पिता की कहानियां: “मेरे पिता मुझे अपने खेल के दिनों और नेशनल मेडल जीतने की कहानियां सुनाया करते थे, जिससे मेरे अंदर भी एथलीट बनने का जुनून जागा। उन्होंने मुझे खेल की हर बारीकी सिखाई।”
- मां से किया वादा: “एक बार उसेन बोल्ट का वर्ल्ड रिकॉर्ड देखते हुए मैंने अपनी मां से कहा था कि एक दिन ऐसा आएगा जब आप मुझे भी टीवी पर देश के लिए भागते देखेंगी।”
- मिल्खा सिंह का प्रभाव: गुरिंदरवीर ने बताया कि महान धावक मिल्खा सिंह और उनके पिता की सीख ने उन्हें आज इस मुकाम पर पहुंचाया है।
पीएम मोदी ने दोनों खिलाड़ियों के जज्बे को सलाम किया और उम्मीद जताई कि देश के युवा इनसे प्रेरणा लेकर खेल जगत में भारत का झंडा और ऊंचा करेंगे।
