उन्नाव (बीघापुर): तहसील बीघापुर के उपजिलाधिकारी (SDM) रणवीर सिंह ने आज कान्हा गौशाला बीघापुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जहाँ कुछ व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं, वहीं टैगिंग और हरे चारे के अभाव को लेकर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और जल्द सुधार के निर्देश दिए।
निरीक्षण के मुख्य बिंदु:
- गौवंश की स्थिति: गौशाला में कुल 196 गौवंश (नर-73, मादा-88, बच्चे-35) संरक्षित पाए गए। इनमें से 4 गौवंश बीमार मिले, जिनके उपचार के लिए एसडीएम ने उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी को तत्काल निर्देशित किया।
- टैगिंग में लापरवाही: कई गौवंश बिना टैग के पाए गए, जिससे उनकी वास्तविक संख्या का सटीक आकलन करना मुश्किल हो रहा था। एसडीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत टैगिंग कराकर डेटा पोर्टल पर अपलोड करने के आदेश दिए।
- चारे का संकट: मौके पर भूसा तो पर्याप्त मिला, लेकिन हरे चारे का अभाव पाया गया। केयरटेकर ने चारागाह भूमि न होने की समस्या बताई, जिस पर एसडीएम ने तहसीलदार को पत्राचार कर जल्द भूमि सुरक्षित कराने और चारा उत्पादन शुरू करने के निर्देश दिए।
सुविधाएं और स्वच्छता:
गौशाला में सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल और निगरानी के लिए 4 सीसीटीवी कैमरे सक्रिय पाए गए। प्रकाश और पेयजल के लिए समरसेबल की व्यवस्था संतोषजनक मिली, हालांकि पेयजल वाली चरही में सफाई की कमी दिखने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की।
”सभी गौवंश की समुचित देखभाल हमारी प्राथमिकता है। भविष्य में कोई भी पशु बीमार या बिना इलाज के नहीं मिलना चाहिए। लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
— रणवीर सिंह, उपजिलाधिकारी बीघापुर
अधिकारियों को निर्देश: निरीक्षण के अंत में एसडीएम ने नगर पंचायत के अधिकारियों और केयरटेकर को साफ-सफाई में और सुधार करने तथा शासन की मंशा के अनुरूप गौशाला का संचालन सुनिश्चित करने की हिदायत दी।
ब्यूरो रिपोर्ट: [RUDRA YUKTI NEWS]
