सीतापुर। जनपद के थाना मानपुर क्षेत्र के ग्राम सभा सलेमपुर में सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ाने और अपनी ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ तैनात महिला सफाई कर्मी पर न केवल कार्य में लापरवाही, बल्कि एक पूर्व पत्रकार के साथ अभद्रता और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है।
क्या है पूरा मामला?
शासन के स्पष्ट निर्देश थे कि 14 अप्रैल 2026 को अंबेडकर जयंती के अवसर पर सभी पार्कों की विशेष साफ-सफाई और माल्यार्पण सुनिश्चित किया जाए। लेकिन सलेमपुर के ग्रामीणों का आरोप है कि सफाई कर्मी सावित्री ने इन आदेशों को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
पूर्व पत्रकार और स्थानीय निवासी एस.पी. मौर्य ने बताया कि उन्होंने कार्यक्रम से आठ दिन पूर्व ही सफाई कर्मी को सूचित किया था, इसके बावजूद अंबेडकर पार्क, पंचायत भवन और सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी का अंबार लगा रहा। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले तीन महीनों से गाँव में नियमित सफाई नहीं हुई है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।
विवाद और जानलेवा धमकी के आरोप
घटना 28 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 10 बजे की है। जब सफाई कर्मी पार्क पहुँची, तो एस.पी. मौर्य ने सफाई न होने का कारण जानना चाहा। आरोप है कि सवाल सुनते ही सफाई कर्मी आगबबूला हो गई और:
- अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की।
- फावड़े से हमला करने की धमकी दी और मारपीट का प्रयास किया।
- कथित तौर पर गला पकड़कर जान से मारने की धमकी दी।
मौके पर मौजूद उग्रसेन, लल्लू राम और रंजीत जैसे ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया, अन्यथा स्थिति और भी भयावह हो सकती थी।
प्रशासनिक गुहार और सुरक्षा की मांग
पीड़ित पूर्व पत्रकार ने इस संबंध में जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
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- दोषी सफाई कर्मी के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई।
- गाँव में नियमित सफाई व्यवस्था बहाल करना।
- धमकी मिलने के बाद स्वयं की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
ग्रामीणों का पक्ष: > “गाँव में सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत शून्य है। पंचायत भवन तक में गंदगी पसरी है। जब कर्मचारी अधिकारियों के आदेश नहीं मान रहे, तो आम जनता की कौन सुनेगा?”
सवाल के घेरे में जवाबदेही
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात सरकारी कर्मचारियों की कार्यशैली और जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़ा करती है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस ‘दबंग’ सफाई कर्मी पर क्या एक्शन लेता है या मामला फाइलों में ही दबा रह जाता है।
ब्यूरो रिपोर्ट – शमशाद सिद्दीकी
