उन्नाव। सुमेरपुर विकासखंड के अंतर्गत रविवार का दिन किसानों के लिए भारी मुसीबत लेकर आया। ब्लॉक के अलग-अलग गांवों के बीच स्थित खेतों में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि उसने देखते ही देखते हमीरपुर, मुनाऊ खेड़ा, महेश खेड़ा और अजीती खेड़ा के बीच स्थित सैकड़ों बीघा जमीन को अपनी चपेट में ले लिया। इस अग्निकांड में करीब 10 बीघा में खड़ी गेहूं की फसल और भारी मात्रा में भूसा जलकर खाक हो गया।
आसमान में दिखा 2 किमी तक काला धुआं
महेश खेड़ा और अजीती खेड़ा के बीच लगी आग इतनी भयानक थी कि उसका काला धुआं करीब 1 से 2 किलोमीटर दूर से ही आसमान में दिखाई दे रहा था। तेज हवाओं ने आग में घी का काम किया, जिससे लपटें तेजी से फैलती गईं। ग्रामीणों में इस बात का डर बैठ गया था कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया गया, तो लपटें रिहायशी इलाकों (गांवों) तक पहुंच सकती हैं।
बचाव कार्य: सरकारी दमकल के साथ करौली आश्रम ने बढ़ाया हाथ
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग की भयावहता को देखते हुए सरकारी संसाधनों के अलावा करौली आश्रम के पानी के टैंकरों को भी राहत कार्य में लगाया गया।
- ग्रामीणों का साहस: दमकल के पहुंचने से पहले ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभाला।
- निजी प्रयास: किसान रामकरण ने अपने ट्यूबवेल से पानी चलाकर आग को रोकने की कोशिश की।
- कड़ी मशक्कत: ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड की टीम ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया।
किसानों को भारी आर्थिक क्षति, मुआवजे की मांग
इस अग्निकांड में महेश, कमलेश, रामसेवक और गंगा प्रसाद समेत कई किसानों की मेहनत की कमाई जलकर राख हो गई। प्रभावित किसानों ने बताया कि तैयार फसल और साल भर के चारे (भूसे) के नष्ट होने से उनके सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
”आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन नुकसान का दायरा बहुत बड़ा है। पीड़ित किसानों ने तहसील प्रशासन से जल्द सर्वे कराकर उचित मुआवजे की गुहार लगाई है।”
फिलहाल मौके पर प्रशासन की टीमें मौजूद हैं और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर प्रभावितों को राहत दी जाएगी।
