लखनऊ/उन्नाव। राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा (NMMS) में शानदार प्रदर्शन और शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रयोगों (नवाचार) के लिए जनपद उन्नाव का नाम एक बार फिर प्रदेश स्तर पर रोशन हुआ है। लखनऊ के इंदिरानगर स्थित रानी लक्ष्मीबाई मेमोरियल पब्लिक स्कूल में आयोजित एक भव्य राज्य स्तरीय समारोह में उन्नाव के आठ शिक्षकों को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।
शिक्षा जगत की दिग्गज हस्तियों ने किया सम्मानित
समारोह का आयोजन कॉलेज ऑफ टीचर एजुकेशन, प्रयागराज के प्राचार्य अजय सिंह के निर्देशन में हुआ। इस गरिमामयी कार्यक्रम में शिक्षा जगत की प्रमुख हस्तियाँ मौजूद रहीं, जिनमें शामिल थे:
- सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह: पूर्व निदेशक, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तर प्रदेश।
- प्रोफेसर छत्रसाल सिंह: राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज।
- डॉ. सूर्य प्रकाश जायसवाल: उप शिक्षा निदेशक, कॉलेज ऑफ टीचर एजुकेशन, लखनऊ।
- मनोज वार्ष्णेय: आगरा डाइट प्रवक्ता।
- विशिष्ट अतिथि: बीईओ प्रीति शुक्ला, धर्मेंद्र कटियार और मनोज बोस।
इन शिक्षकों ने बढ़ाया जनपद का गौरव
NMMS परीक्षा में अपने विद्यालयों से सर्वाधिक बच्चों का चयन सुनिश्चित करने और बच्चों को प्रोत्साहित करने वाले शिक्षकों को मंच पर सम्मान मिला। उन्नाव जनपद से मुख्य रूप से निम्नलिखित शिक्षकों को सम्मानित किया गया:
- प्रदीप कुमार वर्मा: (शिक्षक, उच्च प्राथमिक विद्यालय रामपुर गढ़ौवा, औरास) – परीक्षा के प्रचार-प्रसार और शैक्षिक नवाचार के लिए।
- अखिलेश चंद्र शुक्ला: (एसआरजी) – उत्कृष्ट मार्गदर्शन और योगदान के लिए।
सम्मानित होने वाले अन्य प्रमुख शिक्षक:
जनपद के रविशंकर, अशोक कुमार, गंगा रतन, अवनींद्र सिंह, शिवम और नीरज को भी उनके द्वारा किए गए बेहतर प्रयासों और छात्रवृत्ति परीक्षा में छात्रों के शानदार चयन के लिए राज्य स्तर पर सम्मान मिला।
क्यों मिला यह सम्मान?
यह सम्मान उन शिक्षकों को दिया गया है जिन्होंने न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को छात्रवृत्ति परीक्षा के प्रति जागरूक किया, बल्कि अपनी विशेष शिक्षण विधियों से सरकारी स्कूल के बच्चों को इस प्रतियोगी परीक्षा में सफलता दिलाई। इस उपलब्धि से जिले के शिक्षा विभाग और शिक्षकों में हर्ष का माहौल है।
