मौरावां/उन्नाव।ब्लॉक हिलौली की ग्राम पंचायत तिसन्धा स्थित सिद्धेश्वरी महाविद्यालय में शनिवार को उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अंतर्गत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सरस्वती शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्था द्वारा संचालित ‘सेल्फ एम्प्लॉयड टेलर’ कार्यक्रम के तहत यहाँ मौजूद छात्र-छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया और साथ ही पठन-पाठन सामग्री का वितरण भी हुआ।
100 छात्र-छात्राएं ले रहे हैं ट्रेनिंग, बनाए गए 4 बैच
महाविद्यालय में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बीते 18 मई से शुरू किया गया था। युवाओं को बेहतर ढंग से सिखाने के लिए कुल चार बैच बनाए गए हैं, जिसमें प्रत्येक बैच में 25-25 छात्र-छात्राएं उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रशिक्षण शिविर में ट्रेनर संगीता सिंह, सुधा देवी और सिद्धी सिंह द्वारा सभी संभ्रांत छात्र-छात्राओं को सिलाई और स्वरोज़गार की बारीकियों की ट्रेनिंग दी जा रही है।
नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें युवा: जिला कौशल प्रबंधक
कार्यक्रम में मुख्य रूप से पहुंचे जिला कौशल प्रबंधक धर्मेंद्र मिश्रा ने युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि,
”इस प्रशिक्षण को प्राप्त करने के बाद हमारे युवा केवल नौकरी तलाशने वाले (Job Seekers) नहीं रहेंगे, बल्कि वे प्लंबिंग, रिटेल और सिलाई जैसे क्षेत्रों में अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर (Job Creators) बनने में सक्षम होंगे।”
उन्होंने आगे बताया कि कोर्स पूरा होने के बाद सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त प्रमाण पत्र (Certificate) भी दिया जाता है, जो देश के साथ-साथ विदेशों में भी रोजगार पाने में बेहद मददगार साबित होता है।
सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ उठाएं युवा: अमित शुक्ला
वहीं, व्यवस्थापक अमित कुमार शुक्ला ने कहा कि सरकार द्वारा युवाओं के स्वावलंबन और हुनर को निखारने के लिए विभिन्न प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसका सीधा लाभ आज जमीनी स्तर पर युवाओं को मिल रहा है।
इस अवसर पर मुख्य रूप से मनोज मिश्रा, उमेश चंद्र, ऋषभ शुक्ला सहित भारी संख्या में छात्र-छात्राएं और महाविद्यालय का स्टाफ मौजूद रहा।
