नई दिल्ली। श्री माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए श्राइन बोर्ड की ओर से एक और महत्वपूर्ण सुविधा की शुरुआत की गई है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने भवन परिसर में एक भव्य साधना कक्ष का शुभारंभ किया है। यह साधना कक्ष जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में त्रिकूट पर्वत पर स्थित पवित्र मंदिर परिसर में बनाया गया है, जिसका विधिवत उद्घाटन शनिवार को वैदिक मंत्रोच्चारण और धार्मिक विधियों के बीच संपन्न हुआ।
श्राइन बोर्ड द्वारा विकसित यह नई सुविधा श्रद्धालुओं को दर्शन के बाद शांत वातावरण में बैठकर ध्यान, साधना और आत्मचिंतन का अवसर प्रदान करेगी। अब माता रानी के दर्शन के साथ-साथ भक्त आध्यात्मिक शांति और मानसिक सुकून का भी अनुभव कर सकेंगे। साधना कक्ष का निर्माण इस उद्देश्य से किया गया है कि श्रद्धालु भीड़ और शोरगुल से दूर कुछ समय एकांत में बिताकर ईश्वर से गहरा जुड़ाव महसूस कर सकें।
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान पूरे भवन परिसर में वैदिक मंत्रों की गूंज सुनाई दी, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। श्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि यह कक्ष मंदिर के आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा तथा श्रद्धालुओं को ध्यान और साधना के लिए एक उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराएगा।
यह साधना कक्ष माता वैष्णो देवी के गर्भगृह के काफी निकट स्थित है, ताकि दर्शन के उपरांत श्रद्धालु आसानी से यहां पहुंच सकें। श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिन कुमार वैश्य ने जानकारी देते हुए बताया कि यह पहल भवन क्षेत्र में आध्यात्मिक आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। बोर्ड लगातार श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और आध्यात्मिक अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कार्य कर रहा है।
उन्होंने बताया कि हर माह देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु गहरी आस्था के साथ माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आते हैं। दर्शन के बाद भक्त अक्सर शांत स्थान की तलाश करते हैं, जहां वे कुछ क्षण ध्यान और साधना में बिता सकें। इस आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए साधना कक्ष की स्थापना की गई है, जिससे श्रद्धालुओं की यह लंबे समय से महसूस की जा रही कमी अब पूरी हो सकेगी।
श्राइन बोर्ड का मानना है कि यह नई सुविधा तीर्थयात्रा को केवल दर्शन तक सीमित न रखकर उसे एक संपूर्ण आध्यात्मिक अनुभव में परिवर्तित करेगी। यहां बैठकर श्रद्धालु ध्यान, साधना और प्रार्थना कर सकेंगे, जिससे उनकी आध्यात्मिक यात्रा और अधिक गहन व अर्थपूर्ण बनेगी।
श्राइन बोर्ड की यह पहल लाखों तीर्थयात्रियों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाएगी और माता वैष्णो देवी के दरबार में आने वाले श्रद्धालुओं के अनुभव को और अधिक स्मरणीय बनाएगी। इससे न केवल भक्तों को मानसिक शांति मिलेगी, बल्कि मंदिर परिसर की आध्यात्मिक गरिमा भी और अधिक सुदृढ़ होगी।
