लखनऊ (बंथरा)। कानपुर रोड स्थित एम जी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, शेखर ग्रुप ऑफ कॉलेजेस और नोवा शेखर हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक और संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षकों, चिकित्सकों और कर्मचारियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और आगामी वर्ष के रोडमैप पर चर्चा की।
2026 के लक्ष्यों पर मंथन
कार्यक्रम के दौरान संस्थान ने वर्ष 2025 में हासिल की गई उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की। साथ ही, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए वर्ष 2026 के लक्ष्यों को निर्धारित किया गया। संस्थान के विशेषज्ञों ने आने वाले समय की चुनौतियों और अवसरों पर अपने विचार साझा किए।
स्वाध्याय से बढ़ता है मनोबल: सी एल शेखर
संस्थान के चेयरमैन और पूर्व प्रशासनिक अधिकारी श्री सी एल शेखर ने सभा को संबोधित करते हुए शिक्षकों और कर्मचारियों के समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्थान की प्रगति में हर कर्मचारी का अथक परिश्रम शामिल है।
चेयरमैन ने एक महत्वपूर्ण जीवन मंत्र साझा करते हुए कहा—
“अकादमिक पढ़ाई खत्म होने के बाद भी हम सभी को स्वाध्याय (Self-study) की आदत डालनी चाहिए। नियमित पढ़ने की आदत हमें देश-काल-परिस्थिति के अनुसार न केवल मनोबल प्रदान करती है, बल्कि जीवन की कठिनाइयों से उबरने का संबल भी देती है।”
सामूहिक कर्तव्यों के निर्वहन पर जोर
श्री शेखर ने जोर देकर कहा कि हम सभी को अपने सामूहिक कर्तव्यों का पूरी ईमानदारी से पालन करना चाहिए ताकि देश और समाज के विकास में सार्थक योगदान दिया जा सके। उन्होंने सभी आमंत्रित अतिथियों का आभार भी व्यक्त किया।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस विशेष आयोजन में मुख्य रूप से संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) जे. पी. श्रीवास्तव उपस्थित रहे। उनके साथ बड़ी संख्या में शिक्षक, चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञ और गैर-शिक्षण कर्मचारी मौजूद रहे, जिन्होंने संस्थान को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया।
