नई दिल्ली। देश की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को भविष्य के अनुरूप तैयार करने और डॉक्टरों के कौशल विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में चिकित्सा शिक्षा के आधुनिकीकरण और उभरती प्रौद्योगिकियों (Emerging Technologies) के उपयोग पर जोर दिया गया।
डिजिटल स्वास्थ्य और उभरती प्रौद्योगिकियां: एक बड़ा कदम
आयोजन के दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में उभरती प्रौद्योगिकियों को उत्तरदायी और दायित्वपूर्ण ढंग से अपनाना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यह पहल भारत के ‘डिजिटल स्वास्थ्य’ (Digital Health) के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने और आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगी। ऐसी पहलों के माध्यम से चिकित्सा जगत में तकनीकी सुधारों को तेजी से लागू किया जा सकेगा।
डॉक्टरों के ज्ञान उन्नयन के लिए NBEMS प्रतिबद्ध
एनबीईएमएस के अध्यक्ष डॉ. अभिजात शेठ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह पहल चिकित्सा शिक्षा के आधुनिकीकरण और डॉक्टरों के क्षमतावर्धन की दिशा में NBEMS की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निरंतर प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त किया। डॉ. शेठ ने विश्वास जताया कि यह कार्यक्रम देश भर के डॉक्टरों के ज्ञान को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, जिसका सीधा लाभ स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के सुधारों में देखने को मिलेगा।
राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों का समागम
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और एनबीईएमएस के वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए। इसके साथ ही, चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा प्रौद्योगिकी क्षेत्र के कई प्रख्यात राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ आभासी (Virtual) माध्यम से जुड़े और अपने बहुमूल्य विचार साझा किए।
