बाराबंकी (सिद्धौर)। नारी शक्ति के सशक्तिकरण और राजनीति में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुरुवार को सिद्धौर ब्लॉक सभागार में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का जैदपुर विधानसभा स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद पूर्व सांसद एवं भाजपा प्रदेश मंत्री प्रियंका रावत ने अधिनियम का पुरजोर स्वागत करते हुए इसे देश के भविष्य के लिए क्रांतिकारी कदम बताया।
निर्णय और नेतृत्व में महिलाओं की भूमिका अहम
सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रियंका रावत ने कहा कि किसी भी राष्ट्र और समाज का सर्वांगीण विकास तभी संभव है, जब महिलाओं को निर्णय लेने और नेतृत्व करने के समान अवसर मिलें। उन्होंने जोर देकर कहा:
”नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से संसद और विधानसभाओं में एक-तिहाई सीटें आरक्षित होने से महिलाएं न केवल राजनीतिक रूप से सशक्त होंगी, बल्कि वे आत्मनिर्भरता की ओर भी तेजी से कदम बढ़ाएंगी।”
पंचायत से संसद तक का रास्ता हुआ आसान
विशिष्ट अतिथि और ब्लॉक प्रमुख आरती रावत ने इस अधिनियम को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस निर्णय से ग्रामीण स्तर की महिला जनप्रतिनिधियों के लिए अब देश की सर्वोच्च पंचायत (संसद) तक पहुंचने की राह आसान हो गई है। उपस्थित महिलाओं ने एक स्वर में सरकार के इस निर्णय का समर्थन किया और प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया।
सम्मेलन में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में भारी संख्या में क्षेत्र की महिलाएं, ग्राम प्रधान और भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए। इस अवसर पर प्रमुख रूप से:
- अर्चना श्रीवास्तव, चेयरमैन रमन्ता रावत, रेखा चौधरी।
- जिला अध्यक्ष रामसिंह वर्मा (भुल्लन), जिला मंत्री बृजेश रावत।
- अम्बरीश रावत (मंडल अध्यक्ष), प्रवीण सिंह।
- प्रधान अध्यक्ष सत्यनाम सिंह वर्मा (गुड्डू)।
- भाजपा नेता डॉ. राजेंद्र वर्मा, प्रमोद वर्मा, पवन मिश्रा।
सैकड़ों की संख्या में मौजूद सम्भान्त नागरिकों और पदाधिकारियों ने इस अधिनियम को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में ‘मील का पत्थर’ बताया।
रिपोर्ट: इंद्रराज राजपूत (सिद्धौर, बाराबंकी)
