उन्नाव। जिले में लंबित विकास परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने सख्त रुख अपनाया है। विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने विभिन्न विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए लापरवाही पर नाराजगी जताई और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में विभागवार 13 लंबित परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इस दौरान चांदपुर मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय के पास से गुजर रही विद्युत लाइन को पिछले दो माह से पत्राचार के बावजूद शिफ्ट न किए जाने पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता (विद्युत) को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने सीएनडीएस (CNDS) द्वारा समय सीमा के भीतर परियोजनाएं पूरी न किए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन निगम की मां देवी मंदिर विकास परियोजना और गंगा घाट पर प्रस्तावित गंगा आरती स्थल से जुड़े लंबित कार्यों पर भी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित संस्था को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
बैठक में लोक निर्माण विभाग (PWD) की कुछ परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर भी जिलाधिकारी ने असंतोष जताया और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा, गुणवत्ता और शासन के मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं तथा उनकी नियमित भौतिक मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित परियोजनाओं का कार्य युद्धस्तर पर पूरा कराया जाए और उनकी प्रगति सीएमईएस (CMES) पोर्टल पर समयबद्ध तरीके से अपलोड की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली विकास योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में परियोजना निदेशक तेजवंत सिंह, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी चित्रा दुबे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
