उन्नाव। आसीवन थाना क्षेत्र के तारा पश्चिम गांव में एक निजी तालाब में कथित तौर पर केमिकलयुक्त कचरा डाले जाने से बड़ी संख्या में मछलियों की मौत का मामला सामने आया है। पीड़ित मत्स्य पालक ने जिलाधिकारी से शिकायत कर आर्थिक नुकसान की भरपाई कराने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित सैफुर रहमान सफवी ने आरोप लगाया कि उनके निजी तालाब (गाटा संख्या-1214) के समीप रहने वाले एक व्यक्ति ने बिना अनुमति लगभग 400 से 500 डंपर केमिकलयुक्त कचरा तालाब में डलवा दिया। उनका कहना है कि कचरे में मौजूद रासायनिक तत्व पानी में मिलते ही प्रतिक्रिया करने लगे, जिससे तालाब में पाली गई करीब 80 से 90 क्विंटल मछलियां मर गईं। इस घटना से उन्हें लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
सैफुर रहमान के अनुसार, कचरा डंप किए जाने से पहले उनसे न तो कोई अनुमति ली गई और न ही इसकी सूचना दी गई। उन्होंने बताया कि जब कचरा डाला जा रहा था, तब उन्होंने इसका विरोध भी किया और संबंधित व्यक्ति से केवल मिट्टी डालने का अनुरोध किया, लेकिन उनकी बात अनसुनी कर दी गई।
शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि मुजफ्फरपुर सर्रा निवासी दिलीप सिंह पुत्र रामेश्वर सिंह प्लॉटिंग के उद्देश्य से क्षेत्र को भरवाने का कार्य करा रहे थे और उसी दौरान यह केमिकलयुक्त कचरा तालाब में डलवाया गया।
पीड़ित का कहना है कि घटना का असर केवल तालाब तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के ग्रामीण भी प्रदूषण से प्रभावित हैं। क्षेत्र में बदबू फैलने से लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है और सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने भी इस संबंध में अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई हैं।
इस मामले की शिकायत आसीवन थाना, एसडीएम, डीपीआरओ, प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण विभाग, पुलिस अधीक्षक तथा क्षेत्राधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारियों से की जा चुकी है।
मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे पीड़ित की मुलाकात एसडीएम शुभम यादव से हुई। जनसुनवाई के दौरान एसडीएम ने शिकायत सुनने के बाद संबंधित विभागीय अधिकारियों को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमानुसार जांच कराई जाएगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो पीड़ित को नियमानुसार मुआवजा दिलाने के साथ तालाब में डाले गए कचरे को हटवाने एवं दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और प्रशासन की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
