लखनऊ। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ का 16वां दीक्षांत समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। समारोह में कुल 255 विद्यार्थियों को उपाधियाँ तथा 48 मेधावी विद्यार्थियों को पदक प्रदान किए गए। इस अवसर पर सभी उपाधियों एवं अंक प्रमाण-पत्रों को राष्ट्रीय शैक्षणिक डिपॉजिटरी (National Academic Depository) पर भी अपलोड किया गया।
समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल का संदेश उनके विशेष कार्याधिकारी डॉ. सुधीर महादेव बोबडे ने पढ़कर सुनाया। अपने संदेश में राज्यपाल ने सभी उपाधि एवं पदक प्राप्त विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
राज्यपाल ने कहा कि भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय भारतीय शास्त्रीय संगीत का एक पावन केंद्र है, जहाँ स्वर केवल सीखे नहीं जाते बल्कि साधे जाते हैं। यहाँ लय केवल समझी नहीं जाती, बल्कि जीवन का अनुशासन बन जाती है और राग केवल गाए नहीं जाते, बल्कि आत्मा की अनुभूति बनकर पीढ़ियों तक गूंजते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का यह विशिष्ट विश्वविद्यालय भारतीय संस्कृति, संगीत और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त संवाहक है।
दीक्षांत समारोह के दौरान सामाजिक सरोकारों से जुड़ी पहल भी देखने को मिली। जनपद गोंडा के 300 आंगनबाड़ी केंद्रों को आंगनबाड़ी किट वितरित की गई, वहीं 300 बालिकाओं का एचपीवी (HPV) टीकाकरण भी कराया गया, जिससे बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं जागरूकता को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि डिजिटल शिक्षा और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस वर्ष सभी डिग्रियों और अंक प्रमाण-पत्रों को राष्ट्रीय शैक्षणिक डिपॉजिटरी पर उपलब्ध कराया गया है, जिससे विद्यार्थियों को भविष्य में अपने प्रमाण-पत्रों के सत्यापन में सुविधा मिलेगी।
समारोह में विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। दीक्षांत समारोह सांस्कृतिक गरिमा, शैक्षणिक उत्कृष्टता और सामाजिक उत्तरदायित्व के संदेश के साथ सम्पन्न हुआ।
