रायबरेली। जनपद रायबरेली के थाना खीरों क्षेत्र की लल्लाखेड़ा चौकी अंतर्गत हुए एक मारपीट के मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस पर एकपक्षीय कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। परिवार ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोनों पक्षों के विरुद्ध समान कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित परिवार के अनुसार 16 जुलाई 2026 को रोहित और सूरज के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया, जो मारपीट में बदल गया। परिवार का दावा है कि इस घटना में दोनों पक्षों को चोटें आई थीं। उनका कहना है कि रोहित का होंठ फट गया तथा सिर पर भी गंभीर चोट आई, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने केवल रोहित और उसके पिता के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए चालान कर दिया, जबकि दूसरे पक्ष के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
परिवार का आरोप है कि रोहित के पिता केवल विवाद शांत कराने और दोनों पक्षों को अलग करने का प्रयास कर रहे थे, फिर भी उन्हें भी मामले में आरोपी बनाकर चालान कर दिया गया।
पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने लल्लाखेड़ा चौकी पर लिखित प्रार्थना-पत्र देने का प्रयास किया तो चौकी प्रभारी ने उसे लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद थाना प्रभारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और दूसरे पक्ष के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई।
परिवार का कहना है कि घटना के बाद दूसरा पक्ष खुलेआम यह कह रहा है कि उनके प्रभाव के चलते उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हो सकती। इस कारण परिवार में भय और असुरक्षा का माहौल है। साथ ही पीड़ित पक्ष ने आशंका जताई है कि भविष्य में उनके परिवार के सदस्य को झूठे मामलों में फंसाने का प्रयास किया जा सकता है।
पीड़ित परिवार ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोनों पक्षों के साथ समान कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने, लल्लखेड़ा चौकी स्तर पर हुई कथित लापरवाही की जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
नोट: इस संबंध में पुलिस का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका है। पुलिस का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
