पाटन, उन्नाव। तहसील बीघापुर मुख्यालय पाटन क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे लोन नदी के जलस्तर ने ग्रामीण इलाकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ग्राम सभा पोरई में नदी का जलस्तर करीब पांच से छह फीट बढ़ने के बाद पाटन आने-जाने वाला संपर्क मार्ग जलमग्न हो गया है। पानी भरने से भाटन, दुर्गागंज, जियाखेड़ा समेत कई गांवों का आवागमन प्रभावित हुआ है।
पोरई गांव के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई घरों में पानी घुसने से ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। ग्रामीणों के मुताबिक मंगल पासवान, नागेंद्र, वीरेंद्र, कमलेश लोधी, रामदेव, आशा, बुधना और धुन्नू धानुक समेत कई लोगों के घर पानी से प्रभावित हुए हैं।
ग्रामीणों की मदद में जुटे ग्राम प्रधान प्रतिनिधि
जलभराव की सूचना के बाद ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सत्येंद्र सिंह और राघवेंद्र सिंह सुबह से ही मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने प्रभावित घरों से ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में मदद की। ग्रामीणों के अनुसार मामले की जानकारी शासन-प्रशासन को भी दे दी गई है।
माता फूलमती मंदिर परिसर जलमग्न
लोन नदी के बढ़ते जलस्तर का असर पोरई गांव के माता फूलमती मंदिर परिसर पर भी पड़ा है। मंदिर परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गया है। कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित होने वाली भागवत कथा को जलभराव के चलते पूर्णतया स्थगित कर दिया गया है।
साहबगंज में भी पहुंचा पानी
लोन नदी के बढ़ते जलस्तर का असर ग्राम परसंडा के मजरा साहबगंज में भी दिखाई देने लगा है। गांव तक पानी पहुंचने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। वहीं परसंडा स्थित लोन नदी पुल से मीरमऊ और धमनीखेड़ा जाने वाले मार्ग पर भी पानी चढ़ने की स्थिति बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो मार्ग कभी भी बाधित हो सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से लोन नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने, प्रभावित इलाकों में आवश्यक इंतजाम करने और जलभराव से प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने की मांग की है।
