ग्राम विकास अधिकारी बोले—शिकायतकर्ता दबाव बनाकर काम करवाना चाहते थे, आरोप निराधार
उन्नाव। तहसील पुरवा क्षेत्र के ग्राम मंगतखेड़ा निवासी सौरभ रावत पुत्र जगदीश रावत ने ग्राम विकास अधिकारी पर धमकी और अभद्रता का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित ने इस संबंध में जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़ित सौरभ रावत का कहना है कि उन्होंने 24 अक्टूबर और 28 अक्टूबर 2025 को ग्राम मंगतखेड़ा के ग्राम विकास अधिकारी सुशील कुमार के विरुद्ध शिकायतें की थीं। आरोप है कि इसके बाद 3 नवंबर 2025 को उक्त अधिकारी ने कथित रूप से नशे की हालत में फोन कर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया।
सौरभ रावत के अनुसार, ग्राम विकास अधिकारी ने फोन पर गाली-गलौज करते हुए धमकी दी कि यदि शिकायत वापस नहीं ली गई तो किसी न किसी सरकारी कार्य में फंसा देंगे और कोई भी सरकारी लाभ नहीं लेने देंगे। पीड़ित ने बताया कि पूरी बातचीत की रिकॉर्डिंग उसके पास सुरक्षित है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारी के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।
वहीं, ग्राम विकास अधिकारी सुशील कुमार ने लगाए गए आरोपों को पूरी तरह असत्य और निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि “शिकायतकर्ता व उनके सहयोगी शासन के अनुरूप न होकर दबाव बनाकर काम करवाना चाह रहे थे, जिसे मना करने पर हमारे नाम को खराब करने के उद्देश्य से मनगढ़ंत आरोप लगाए जा रहे हैं। ये सभी आरोप बेबुनियाद हैं।”
