नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हुए तीन ऐतिहासिक नवाचारों की सौगात राष्ट्र को दी। इनमें शामिल हैं — क्यूएसआईपी (QSIP): भारत का अपना क्वांटम सुरक्षा चिप, 25-क्यूबिट क्यूपीयू (QPU): देश का पहला क्वांटम कंप्यूटिंग चिप, और सीएआर-टी सेल थेरेपी: भारत की पहली स्वदेशी कैंसर कोशिका थेरेपी।
ये घोषणाएं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा आयोजित उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार कॉन्क्लेव (ESTIC 2025) के दौरान की गईं।
भारत की पहली स्वदेशी कैंसर सेल थेरेपी — “नेक्सकार19”
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लॉन्च की गई सीएआर-टी सेल थेरेपी भारत में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है। इसे इम्यूनोएक्ट नामक स्टार्टअप ने विकसित किया है, जो आईआईटी बॉम्बे का एक स्पिन-ऑफ है। यह थेरेपी डीबीटी (Department of Biotechnology) और बीआईआरएसी (BIRAC) के सहयोग से विकसित की गई है।
नेक्सकार19, इम्यूनोएक्ट द्वारा विकसित दुनिया की पहली मानवीकृत सीएआर-टी थेरेपी है, जिसे “भारत में निर्मित, दुनिया के लिए” की भावना से तैयार किया गया है। यह जीन थेरेपी को वैज्ञानिक गुणवत्ता और रोगी सुरक्षा से समझौता किए बिना किफ़ायती और सुलभ बनाती है।
कैंसर उपचार में नई उम्मीद
काइमेरिक एंटीजन रिसेप्टर टी-सेल (CAR-T) थेरेपी को कैंसर के इलाज में क्रांतिकारी खोज माना जा रहा है। दुनियाभर के नैदानिक परीक्षणों ने दिखाया है कि यह थेरेपी अंतिम चरण के कैंसर रोगियों, विशेष रूप से एक्यूट लिम्फोसाइटिक ल्यूकेमिया से जूझ रहे मरीजों के लिए आशा की नई किरण बन सकती है।
भारत में टाटा मेमोरियल सेंटर (TMC) में इसका नैदानिक परीक्षण चल रहा है, जिसमें इम्यूनोएक्ट विनिर्माण सहयोगी है।
डीबीटी और बीआईआरएसी का समर्थन
डीबीटी ने इम्यूनोएक्ट को “बायोई3 नीति” के अंतर्गत 200 लीटर जीएमपी लेंटिवायरल वेक्टर और प्लास्मिड प्लेटफ़ॉर्म की स्थापना के लिए वित्तीय सहयोग दिया है। इस प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से प्रति वर्ष लगभग 1000 रोगियों को जीन और सेल थेरेपी उपलब्ध कराई जा सकेगी।
इसके अलावा, डीबीटी विभिन्न प्रकार के कैंसर जैसे मल्टीपल मायलोमा, एक्यूट लिम्फोसाइटिक ल्यूकेमिया, बी-सेल ल्यूकेमिया, और ग्लियोब्लास्टोमा के लिए नई इम्यूनोथेरेपी विकसित करने हेतु अनुसंधान को प्रोत्साहित कर रहा है।
विज्ञान और नवाचार की दिशा में नया अध्याय
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत न केवल क्वांटम तकनीक के क्षेत्र में क्यूएसआईपी और क्यूपीयू जैसी खोजों के माध्यम से अग्रणी बन रहा है, बल्कि सीएआर-टी सेल थेरेपी जैसी चिकित्सा उपलब्धियों से वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में भी एक नई पहचान बना रहा है।
यह कदम भारत के “विज्ञान से विकास” और “इनnovation for India – Innovation for World” के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
