
पाटन (उन्नाव)। देवोत्थानी एकादशी के पावन अवसर पर कस्बा भगवंतनगर में इस वर्ष भी भव्य और ऐतिहासिक दीपोत्सव का आयोजन किया गया। आस्था, भक्ति और उत्साह के संगम से सजे इस अद्भुत आयोजन में कस्बे के ऐतिहासिक ‘पक्के तालाब’ को 51 हजार दीपों की मनमोहक रोशनी से आलोकित किया गया। चारों ओर छाई दीपमालाओं की झिलमिलाहट ने वातावरण को दिव्य और अलौकिक बना दिया।
पावन अवसर पर पक्का तालाब किसी दुल्हन की तरह सजाया गया था। रंग-बिरंगी झालरें, रोशनी से जगमगाते लैंपपोस्ट, फूलों की आकर्षक सजावट और तालाब में दीपों का मनोहर प्रतिबिंब देखते ही बन रहा था। दीपों की कतारें जलते ही पूरा तालाब सुनहरी आभा से नहा उठा। श्रद्धा और उल्लास से भरे इस दृश्य को देखने के लिए न सिर्फ कस्बे वासी बल्कि आसपास के गांवों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे।
नगर अध्यक्ष ने किया दीप प्रज्वलित
भव्य दीपोत्सव का शुभारंभ नगर अध्यक्ष आशीष शुक्ला ने किया। उन्होंने अपनी धर्मपत्नी के साथ पक्के तालाब के मुख्य घाट पर प्रथम दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। दीप प्रज्वलन के पश्चात उन्होंने सभी नगरवासियों को देवोत्थानी एकादशी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि —
“ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को न सिर्फ जीवंत रखते हैं, बल्कि समाज में एकता, सौहार्द और भक्ति की भावना को भी प्रबल करते हैं।”
मेला और सांस्कृतिक कार्यक्रम बने आकर्षण का केंद्र
दीपोत्सव के साथ-साथ पक्के तालाब परिसर में भव्य मेले का भी आयोजन किया गया। मेले में बच्चों के लिए झूले, मनभावन खाद्य स्टॉल, खिलौनों और हस्तशिल्प की दुकानों ने लोगों का खूब मनोरंजन किया। वहीं स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत भक्ति गीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समूचे आयोजन को और भी रोचक बना दिया।
श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का संगम

जैसे-जैसे रात गहराती गई, दीपों की झिलमिलाहट और भी प्रखर होती गई। पक्के तालाब के चारों ओर फैली सुनहरी रोशनी में मानो पूरा भगवंतनगर नहा गया। लोग भगवान विष्णु की आराधना में लीन रहे, भजन-कीर्तन के स्वर गूंजते रहे और वातावरण भक्ति भाव से ओतप्रोत हो उठा।
देवोत्थानी पर्व पर हुए इस भव्य दीपोत्सव ने न केवल नगर की पहचान को उजागर किया, बल्कि श्रद्धा और संस्कृति के रंगों से पूरे क्षेत्र को आलोकित कर दिया। उपस्थित जनसमूह देर रात तक दीपों की झिलमिलाहट और तालाब के मनोहारी दृश्य का आनंद उठाता रहा।
