नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 16 साल से फरार चल रहे एक कुख्यात अपराधी अशिक अली को गुजरात के सूरत से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार अशिक अली वर्ष 2009 में जनकपुरी थाना क्षेत्र के बिंदापुर इलाके में हुई एक हत्या के मामले में वांछित था।
5 जनवरी 2009 को बिंदापुर इलाके में एक लोहे के बक्से से एक व्यक्ति की सिर कटी लाश बरामद हुई थी। मृतक की पहचान हरिश चंद उर्फ बबलू के रूप में हुई। जांच में खुलासा हुआ कि हरिश का अपने रिश्तेदार बनारसी लाल से पैसों का विवाद था। इसी विवाद के चलते बनारसी लाल ने अपने साथी अशिक अली के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी और सबूत छिपाने के लिए सिर और शरीर को अलग-अलग जगह फेंक दिया था।
घटना के बाद अशिक अली फरार हो गया, जबकि पुलिस ने बनारसी लाल को गिरफ्तार कर उसे उम्रकैद की सजा दिला दी। 2011 में अदालत ने अशिक अली को अपराधी घोषित कर दिया था और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
हाल ही में पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी सूरत में छिपा हुआ है। तकनीकी और मैन्युअल इनपुट के आधार पर दिल्ली पुलिस ने सूरत के भाईया नगर इलाके में छापा मारकर 5 नवंबर 2025 को अशिक अली को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वारदात के बाद से वह लगातार ठिकाना बदलता रहा और पिछले चार वर्षों से सूरत में दर्जी का काम कर रहा था। पुलिस आरोपी को दिल्ली लाकर आगे की कार्रवाई में जुटी है।
