बीघापुर उन्नाव। संदोही मंदिर परिसर के पास आज पुष्प फाउंडेशन की ओर से एक भव्य शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व फाउंडेशन के संस्थापक पुष्पेंद्र प्रताप सिंह ने किया। आयोजन में क्षेत्रभर के सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हुए और माहौल गुरु वंदना और सम्मान से गूंज उठा।
मंच पर नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि सुधीर बाजपेई, नरेंद्र विक्रम सिंह, सगुन सिंह, संजय सिंह, अभय सिंह, रोहित सिंह, दिलीप बाजपेई, मो. पप्पू, मोना सिंह, अखिलेश, तेज बहादुर सिंह, कुंज बिहारी यादव, वंश बहादुर सिंह सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल शिक्षकों का सम्मान करना नहीं, बल्कि समाज में गुरुजनों के प्रति आदर, संस्कार और राष्ट्रभक्ति की भावना को पुनः प्रज्वलित करना था।
अपने जोशपूर्ण संबोधन में पुष्पेंद्र प्रताप सिंह ने कहा —
“शिक्षक केवल एक शब्द नहीं, बल्कि समाज की आत्मा हैं। जो कुछ भी हम हैं, वह अपने गुरुओं की कृपा से हैं। मेरे जीवन की हर सफलता में मेरे शिक्षकों का योगदान सबसे बड़ा है।”
उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज का मार्गदर्शक होता है, और शिक्षा ही वह शक्ति है जो भविष्य गढ़ती है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया —
“आपका दायित्व सिर्फ पढ़ाना नहीं, बल्कि राष्ट्र का निर्माण करना है। हमें ऐसे युवा तैयार करने हैं जो अपने गुरु, समाज और देश के प्रति समर्पित रहें।”
पुष्पेंद्र प्रताप ने अपने भाषण में बार-बार बजरंगबली और संदोही माता का जयकारा लगाते हुए कहा कि उनके जीवन का हर कार्य ईश्वर, गुरु और राष्ट्र के प्रति समर्पित है। उन्होंने कहा —
“देश एक परिवार है। समाज ने मुझे जो कुछ दिया है, मैं उसे समाज को लौटाना चाहता हूं। पहले अपना क्षेत्र विकसित हो — यही मेरा संकल्प है।”
कार्यक्रम में भक्ति, उत्साह और सम्मान का अनोखा संगम देखने को मिला। पुष्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह समारोह न केवल शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर बना, बल्कि समाज में गुरु-शिष्य परंपरा को जीवंत करने की प्रेरणा भी दी।
समापन पर पुष्पेंद्र प्रताप सिंह ने कहा —
“लाड़ प्यार जरूरी है, लेकिन अनुशासन और आदर ही सच्चे विद्यार्थी की पहचान है।”
यह आयोजन बीघापुर क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण साबित हुआ, जहां शिक्षा, संस्कार, भक्ति और राष्ट्रप्रेम का अद्भुत संगम देखने को मिला।
