लखनऊ। नशीले कफ सिरप की तस्करी करने वाला संगठित सिंडीकेट कितना विशाल और ताकतवर है, इसका खुलासा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की प्रारंभिक जांच में सामने आया है। एजेंसी को अब तक की जांच में करीब 2000 करोड़ रुपये के अवैध कारोबार का पता चला है, जिसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है।
ईडी अब इस पूरे रैकेट की परतें खोलते हुए उन लोगों तक पहुँचने में जुट गई है, जो पर्दे के पीछे से इस गोरखधंधे को संरक्षण देते रहे हैं। बताया जा रहा है कि एजेंसी ने एसटीएफ, एसआईटी, जिला पुलिस और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा की गई सभी कार्रवाइयों की फाइलें और डिटेल्स खंगाल ली हैं।
तीन राज्यों और विदेश तक फैला नेटवर्क
जांच अधिकारियों के अनुसार नशीला कफ सिरप सप्लाई करने वाला यह नेटवर्क तीन राज्यों में फैला है और इसकी डिलीवरी विदेशों तक भेजी जाती रही है। इस पूरे अवैध कारोबार से 2000 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई होने के प्राथमिक साक्ष्य मिले हैं।
दो प्रभावशाली नेताओं/बाहुबलियों की भूमिका संदिग्ध
सूत्रों के अनुसार ईडी इस नेटवर्क को संरक्षण देने में पूर्वांचल के दो प्रभावशाली सफेदपोश नेताओं/बाहुबलियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। माना जा रहा है कि संरक्षण शुल्क के नाम पर भारी रकम वसूली जाती रही है।
27 तारीख से पहले बड़ी कार्रवाई की आशंका
खुफिया एजेंसियों ने संकेत दिया है कि जांच तेज होने के चलते 27 तारीख से पहले कुछ बड़ी कार्रवाई या ‘रगड़ाई’ जैसी छापेमारी देखने को मिल सकती है।
जांच आगे बढ़ते ही इस काले कारोबार के पीछे छिपे असली चेहरों को उजागर करने की तैयारी और तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े नामों के सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
