पाटन, उन्नाव।आपसी सौहार्द, भाईचारे और एकता के प्रतीक प्रसिद्ध तकिया मेले के सरकारी कैंप में चल रही सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत बुधवार को भक्ति, वीर रस और लोकसंगीत की रंगीन छटा बिखरी। सांस्कृतिक मंच पर कलाकारों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर रात तक मंत्रमुग्ध किए रखा।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रसिद्ध भजन गायक राम निहोरे द्वारा देशभक्ति एवं सामाजिक सरोकार से जुड़े भजनों से की गई। उन्होंने “सब देशों से देश हमारा भारत देश हमारा” और “आई सरकार की योजनवा” जैसे भजनों की सशक्त प्रस्तुति देकर श्रोताओं में देशप्रेम की भावना जागृत की।
इसके पश्चात अमरनाथ आल्हा मंडल, उन्नाव द्वारा मां शारदे की वंदना के साथ वीर रस आल्हा गायन प्रस्तुत किया गया। आल्हा गायन की ओजपूर्ण प्रस्तुति ने पंडाल में मौजूद दर्शकों में जोश और उत्साह भर दिया।
इसी क्रम में लखनऊ से आई लोकवाणी गायिका अंजली खन्ना ने “कान्हा मुझसे करो न बरजोरी” और “चित्रकूट के घाट-घाट पर शबरी देखे बाट, राम मेरे आ जाओ” जैसे लोकगीतों की मधुर प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरीं। वहीं भातखंडे संगीत संस्थान, लखनऊ से आए कलाकार जितेंद्र ने “छाप तिलक सब लीन मुझसे नैना मिलाइके” पर भावपूर्ण गायन प्रस्तुत किया। कलाकार शुभम ने “मेरे ढोलना” जैसे सांस्कृतिक लोकगीत पर मनमोहक नृत्य कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मेलाधिकारी/उपजिलाधिकारी रणवीर सिंह एवं तहसीलदार गणेश सिंह द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर मेला कार्यक्रम प्रभारी सुनील दीक्षित, विजय आमीन, सुधीर मिश्रा, विनोद, मनोज सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक व मेला दर्शक उपस्थित रहे।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की इस श्रृंखला ने तकिया मेले को सांस्कृतिक समरसता और लोक परंपराओं का जीवंत स्वरूप प्रदान किया।
