नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘स्टार्टअप इंडिया’ अभियान के सफल 10 वर्ष पूरे होने पर देश के युवाओं और उद्यमियों के साहस और नवाचार की जमकर सराहना की। प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप जगत को भारत के भविष्य का निर्माता बताते हुए नए तकनीकी विचारों के निर्माण का आह्वान किया। इस विशेष कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
“रोजगार चाहने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें युवा”
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में विश्वास व्यक्त किया कि स्टार्टअप्स का आत्मविश्वास और नवाचार ही भारत के भविष्य को आकार दे रहा है। उन्होंने कहा:
”पिछले एक दशक ने देश की क्षमताओं को पूरी दुनिया के सामने साबित किया है। अब अगले दशक का लक्ष्य यह होना चाहिए कि भारत स्टार्टअप के नए रुझानों और प्रौद्योगिकियों में विश्व का नेतृत्व करे। सरकार हर कदम पर स्टार्टअप उद्यमों के साथ दृढ़तापूर्वक खड़ी है।”
स्टार्टअप इंडिया: एक परिवर्तनकारी सफर (2016-2026)
बता दें कि स्टार्टअप इंडिया को 16 जनवरी, 2016 को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लॉन्च किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य भारत को ‘रोजगार चाहने वाले’ (Job Seekers) के बजाय ‘रोजगार सृजन’ (Job Creators) करने वाला राष्ट्र बनाना था।
पिछले 10 वर्षों की प्रमुख उपलब्धियां:
- 2,00,000 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप: भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम दुनिया के सबसे बड़े तंत्रों में से एक बन चुका है।
- आर्थिक स्तंभ: स्टार्टअप्स अब देश की आर्थिक और नवाचार संरचना का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
- पूंजी और मार्गदर्शन: सरकार ने स्टार्टअप्स के लिए पूंजी (Capital) और मेंटरशिप तक पहुंच को आसान बनाया है।
- विस्तार: केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहकर अब छोटे शहरों (Tier-2 & Tier-3) से भी स्टार्टअप्स उभर रहे हैं।
नवाचार से बदलेगी देश की तस्वीर
प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप्स के साहस की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये उद्यम न केवल रोजगार पैदा कर रहे हैं, बल्कि घरेलू मूल्य श्रृंखलाओं (Domestic Value Chains) को भी मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे ऐसी तकनीकें विकसित करें जो दुनिया की समस्याओं का समाधान भारत से प्रदान करें।
