नई दिल्ली। देश में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने और पारंपरिक चिकित्सा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) ने शनिवार को ‘राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस 2026’ धूमधाम से मनाया। संस्थान के स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर (AIIA-ICAINE) ने इस अवसर पर आयुर्वेद आधारित स्टार्टअप्स के लिए ‘MSME अवसरों पर जागरूकता कार्यक्रम’ का आयोजन किया।
यह विशेष कार्यक्रम भारत सरकार के एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय के सहयोग से दिल्ली स्थित एआईआईए परिसर में आयोजित हुआ।
नीति निर्माताओं और उद्यमियों का हुआ संगम
कार्यक्रम में नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों और युवा उद्यमियों ने हिस्सा लिया। विचार-विमर्श का मुख्य केंद्र यह था कि कैसे आयुर्वेद और एकीकृत स्वास्थ्य नवाचारों (Integrated Health Innovations) के क्षेत्र में स्टार्टअप्स को मजबूत किया जाए। विशेषज्ञों ने सरकारी सहायता योजनाओं, नवाचार तंत्र, बौद्धिक संपदा (IPR) और स्टार्टअप्स के लिए वित्तीय प्रबंधन जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
आयुर्वेद में नवाचार की नई लहर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एमएसएमई के संयुक्त निदेशक डॉ. आर.के. भारती ने अपने संबोधन में कहा:
”पारंपरिक चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत नीति-समर्थित तंत्र की आवश्यकता है। एमएसएमई और स्टार्टअप्स मिलकर भारत को वैश्विक स्वास्थ्य केंद्र बना सकते हैं।”
प्रमुख वक्ताओं के विचार:
- डॉ. अरुण कुमार: उन्होंने आयुर्वेद में नवाचार-संचालित उद्यमिता के महत्व पर प्रकाश डाला।
- श्री सुनील कुमार (उप निदेशक, MSME): उन्होंने आयुर्वेद उद्यमों के लिए एमएसएमई की विशेष योजनाओं का रोडमैप पेश किया।
- प्रो. मंजुषा राजगोपाला: उन्होंने संस्थानों में उद्यमिता को बढ़ावा देने के शैक्षणिक दृष्टिकोण को साझा किया।
IPR और फंडिंग पर विशेष सत्र
तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने स्टार्टअप्स की सबसे बड़ी चुनौतियों पर चर्चा की:
- बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR): पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक (DPIIT) सुश्री संगीता नागर ने बताया कि स्टार्टअप्स के लिए अपने नवाचारों का पेटेंट कराना क्यों जरूरी है।
- फाइनेंशियल सपोर्ट: सिडबी (SIDBI) की वरिष्ठ प्रबंधक सुश्री ज्योति नीरज ने बताया कि स्टार्टअप्स और एमएसएमई के लिए वित्तपोषण (Funding) के कौन-कौन से द्वार खुले हैं।
सशक्त स्वास्थ्य समाधान की ओर कदम
AIIA-ICAINE के सीईओ श्री सुजीत एरानेझथ ने बताया कि संस्थान नवाचारों को प्रभावशाली उद्यमों में बदलने के लिए एक व्यवस्थित मंच प्रदान कर रहा है। एआईआईए अब साक्ष्य-आधारित और टिकाऊ स्वास्थ्य समाधानों के लिए नए जमाने के उद्यमों का समर्थन करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
