लेह (लद्दाख) | देश के बर्फीले मैदानों में प्रतिभा का हुनर देखने के लिए दुनिया तैयार है। मंगलवार से केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह में ‘खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026’ (KIWG) का शानदार आगाज़ होने जा रहा है। 26 जनवरी तक चलने वाले इस मेगा इवेंट में देश के 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 1000 से अधिक पुरुष और महिला एथलीट हिस्सा ले रहे हैं।
ओलंपिक खेल ‘फिगर स्केटिंग’ बना आकर्षण का केंद्र
इस साल के विंटर गेम्स में सबसे बड़ा आकर्षण फिगर स्केटिंग का शामिल होना है। यह एक महत्वपूर्ण ओलंपिक खेल है और भारत में इसे बढ़ावा देने के लिए यह एक बड़ी पहल मानी जा रही है। प्रतियोगिता में आइस स्केटिंग के लिए कुल 15 स्वर्ण पदक दांव पर होंगे।
- मुख्य वेन्यू: एनडीएस (NDS) स्टेडियम, आर्मी रिंक और जमी हुई गुपुख झील।
- प्रमुख खेल: आइस हॉकी और आइस स्केटिंग (कुल 472 एथलीट)।
- चुनौती: एथलीटों को लेह की अत्यधिक ऊंचाई, कम ऑक्सीजन और माइनस डिग्री तापमान जैसी कठिन परिस्थितियों में अपनी क्षमता साबित करनी होगी।
खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का संदेश: “भारतीय खेलों के लिए क्रांतिकारी वर्ष”
केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने एथलीटों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि मोदी सरकार के प्रयासों से आज भारत में राष्ट्रीय स्तर पर विंटर गेम्स का आयोजन संभव हो पा रहा है।
”खेलो इंडिया का कैलेंडर अब संस्थागत हो चुका है। दीव में बीच गेम्स के बाद अब लेह में विंटर गेम्स हो रहे हैं, और अगले महीने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन होगा। यह प्रतियोगिता चक्र घरेलू खेल व्यवस्था को मजबूत करेगा और योग्य खिलाड़ियों को उत्कृष्टता प्राप्त करने के अवसर देगा।” — डॉ. मनसुख मांडविया
लद्दाख फिर बनेगा चैंपियन?
पिछले सीजन में मेजबान लद्दाख ने 13 में से 4 स्वर्ण पदक जीतकर पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया था। इस बार भी लद्दाख की 52 सदस्यीय टीम अपनी बादशाहत बरकरार रखने के इरादे से मैदान में उतरेगी। हालांकि, हरियाणा (62 एथलीट) और हिमाचल प्रदेश (55 एथलीट) की बड़ी टीमें उन्हें कड़ी चुनौती देने के लिए तैयार हैं।
चीन के हार्बिन से लेह तक का सफर
लद्दाख के राष्ट्रीय कोच मोहम्मद अब्बास नोर्डक ने कहा कि हाल ही में चीन के हार्बिन में हुए एशियाई शीतकालीन खेलों में भारतीय एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन किया था। तारा प्रसाद (8वां स्थान) और मंजेश तिवारी (15वां स्थान) के प्रदर्शन ने साबित किया कि भारत अब शीतकालीन खेलों में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार है।
