लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार देर शाम अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक कर आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। बैठक में मुख्यमंत्री के अधीन विभागों एवं राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के विभागों से जुड़े बजट प्रस्तावों, नई मांगों तथा केंद्र सरकार के आगामी बजट के परिप्रेक्ष्य में राज्य सरकार द्वारा रखे गए प्रस्तावों पर गहन चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी बजट का मूल उद्देश्य लोककल्याण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीब, किसान, श्रमिक, महिला, युवा और समाज के वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना ही बजट की आत्मा होनी चाहिए। सरकार की प्रत्येक योजना आमजन के जीवन स्तर को सुधारने वाली होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ने विकास, सुरक्षा और समृद्धि के क्षेत्र में ठोस प्रगति की है। इससे प्रदेश की जनता की सरकार से अपेक्षाएं और बढ़ी हैं, जिन पर खरा उतरना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी 01 फरवरी को प्रस्तुत होने वाले केंद्र सरकार के आम बजट में उत्तर प्रदेश से संबंधित प्रावधानों का गहन अध्ययन करें और उसी अनुरूप अपने विभागीय बजट प्रस्तावों में आवश्यक सुधार और समायोजन सुनिश्चित करें।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि सड़क, भवन तथा अन्य अवसंरचनात्मक विकास से जुड़े प्रस्तावों का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की कनेक्टिविटी को मजबूत करना, औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर सृजित करना है, ताकि विकास का लाभ शहरी के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों तक समान रूप से पहुंचे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने वित्तीय अनुशासन पर जोर देते हुए कहा कि लोककल्याण और मजबूत वित्तीय प्रबंधन एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि संसाधनों का उपयोग इस प्रकार किया जाए कि योजनाओं की गुणवत्ता में वृद्धि हो, उनका समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित हो और जनता को वास्तविक व ठोस परिणाम दिखाई दें।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और सभी विभागों से बजट प्रस्तावों को जनहित केंद्रित एवं व्यावहारिक बनाने पर विशेष बल दिया गया।
