बाराबंकी। जनपद में शिक्षा और बच्चों के पोषण की गुणवत्ता को लेकर जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। डीएम के निर्देश पर जिले की विभिन्न तहसीलों में उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों ने परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कहीं स्कूल बंद मिले तो कहीं बच्चों के दूध और सफाई की व्यवस्था में भारी लापरवाही उजागर हुई।
तहसीलवार निरीक्षण की स्थिति:
- सिरौलीगौसपुर: यहाँ की स्थिति सबसे चिंताजनक रही। प्राथमिक विद्यालय ठाकुरपुर निरीक्षण के दौरान बंद पाया गया। वहीं, श्यामनगर और मथनापुर में बच्चों को दूध नहीं दिया जा रहा था। खलसापुर कम्पोजिट विद्यालय में गंदगी का अंबार मिला।
- हैदरगढ़ और फतेहपुर: हैदरगढ़ के भटखेरा स्कूल में दूध वितरण में अनियमितता मिली। फतेहपुर के मदनपुर में भी समय से दूध उपलब्ध न होने पर अधिकारियों ने फटकार लगाई।
- रामनगर: यहाँ प्रशासन को राहत मिली, क्योंकि निरीक्षण के दौरान विद्यालयों की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं।
जवाबदेही होगी तय, होगी सख्त कार्यवाही
निरीक्षण के दौरान कई स्कूलों में नामांकन की तुलना में छात्र उपस्थिति भी बेहद कम पाई गई। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जिन स्कूलों में खामियां मिली हैं, वहां के ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक की जवाबदेही तय की जाएगी।
”मिड-डे मील की गुणवत्ता और विद्यालय संचालन में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी। दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाएगी और इस तरह के औचक निरीक्षण भविष्य में भी जारी रहेंगे।” — ईशान प्रताप सिंह, जिलाधिकारी
