उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने न केवल इंसानियत को शर्मसार किया है, बल्कि तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। आरोप है कि पुरवा तहसील क्षेत्र में चकरोड निर्माण के दौरान बिना किसी पूर्व सूचना के जेसीबी चलाकर पूर्वजों की कब्रों को खोद डाला गया।
क्या है पूरा मामला?
मामला पुरवा तहसील के ग्राम असेहरू का है। यहाँ की निवासी कमलेश कुमारी ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। प्रार्थिनी का आरोप है कि बीते 24 अप्रैल 2026 को तहसील के सरकारी कर्मचारी अचानक भारी मशीनों के साथ उनकी जमीन पर पहुँच गए। बिना किसी नोटिस या विधिक प्रक्रिया के, कर्मचारियों ने जबरन चकरोड (चकमार्ग) निकालने का काम शुरू कर दिया।
आस्था और भावनाओं पर प्रहार
पीड़िता ने अत्यंत भावुक होते हुए बताया कि उस भूमि पर उनके पति और ससुर की कब्रें बनी हुई थीं। आरोप है कि राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने संवेदनशीलता की सभी हदें पार करते हुए जेसीबी मशीन से उन कब्रों को खुदवाकर मिट्टी में मिला दिया। इतना ही नहीं, खेत में लगे लगभग 50 फलदार और छायादार पेड़ों को भी बेरहमी से उखाड़कर फेंक दिया गया।
“जो करना है कर लो”
ग्रामीणों के अनुसार, जब ग्राम प्रधान और स्थानीय निवासियों ने इस अमानवीय कृत्य का विरोध किया, तो मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने कथित तौर पर दबंगई दिखाते हुए कहा कि उन्हें ऊपर से आदेश है और “जिसे जो करना है कर ले।”
न्याय के लिए भटक रही पीड़िता
कमलेश कुमारी का कहना है कि उन्होंने 26 अप्रैल को ही परगना मजिस्ट्रेट (SDM) पुरवा को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय प्रशासन की चुप्पी से तंग आकर अब पीड़िता ने जिलाधिकारी के दरबार में दस्तक दी है।
प्रशासनिक कार्यशैली पर बड़े सवाल:
- क्या किसी की निजी जमीन या कब्जे वाली जमीन पर बिना नोटिस दिए चकरोड का निर्माण वैधानिक है?
- क्या विकास के नाम पर धार्मिक भावनाओं और पूर्वजों की स्मृतियों (कब्रों) को इस तरह रौंदना उचित है?
- आखिर क्यों शिकायत के बावजूद तहसील प्रशासन मामले को दबाने में जुटा है?
निष्कर्ष: यह मामला अब केवल जमीन विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के अपमान का मुद्दा बन चुका है। अब देखना यह होगा कि क्या जिला प्रशासन दोषियों पर कार्रवाई करता है या यह मामला फाइलों में ही दबा रह जाएगा।
