बाराबंकी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप बाराबंकी जिले में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन स्थलों के विकास को गति दी जा रही है। इसी क्रम में सिरौली गौसपुर तहसील स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कोटवा धाम में पर्यटन विकास कार्यों के साथ प्राचीन पवित्र कुंड के संरक्षण और विकास की पहल शुरू की गई है।
जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कोटवा धाम पहुंचकर प्राचीन पवित्र कुंड का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंड की ऐतिहासिकता, धार्मिक महत्ता और पवित्रता को अक्षुण्ण रखते हुए विकास कार्य कराए जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण एवं सौंदर्यीकरण के दौरान कुंड की मूल संरचना और धार्मिक महत्व प्रभावित नहीं होना चाहिए।
डीएम ने सीएनडीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर को कुंड के विकास के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए स्थल की जरूरतों और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखकर कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने पवित्र कुंड के समीप महिलाओं की सुविधा के लिए आवश्यकतानुसार चेंजिंग रूम की व्यवस्था करने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए स्थायी बैरिकेडिंग का प्रावधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि कोटवा धाम की धार्मिक और ऐतिहासिक महत्ता को देखते हुए यहां होने वाले विकास कार्यों में सुविधा और संरक्षण के बीच उचित संतुलन जरूरी है। सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराए जाएं और प्राचीन धरोहर के स्वरूप से किसी भी प्रकार का समझौता न हो।
बताया गया कि कोटवा धाम में लगभग 356 वर्ष पुराना समर्थ साहेब बाबा जगजीवन दास जी का मंदिर एवं समाधि स्थल स्थित है। यह स्थल सतनाम पंथ की प्रमुख तपोस्थली के रूप में प्रसिद्ध है। यहां उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के अलावा अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजन के लिए पहुंचते हैं।
मुख्यमंत्री पर्यटन विकास परियोजना के अंतर्गत कोटवा धाम में लगभग 202.51 लाख रुपये की लागत से विभिन्न पर्यटन विकास एवं यात्री सुविधाओं से जुड़े कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इन विकास कार्यों से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कोटवा धाम स्थित मंदिर में दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सिरौली गौसपुर अनिल सरोज, सीएनडीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर देवब्रत पवार, महंत नीलेश दास सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
