नई दिल्ली। NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच शनिवार को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रतिनिधिमंडल ने कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात कर तीसरे दौर की वार्ता पूरी की। बैठक के बाद दोनों पक्षों ने संयुक्त प्रेस वार्ता की, जिसके बाद सीजेपी ने जंतर-मंतर पर चल रहे अपने आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा कर दी।
प्रतिनिधिमंडल के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि भाजपा शासित और भाजपा सहयोगी दलों वाले राज्यों में दर्ज मामलों पर भी लागू होगा। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि तीन से चार दिनों के भीतर सभी एफआईआर की प्रतियां उपलब्ध करा दी जाएंगी तथा जल्द ही उन्हें वापस लेने की प्रक्रिया भी शुरू होगी। साथ ही सरकार मंगलवार तक इस संबंध में लिखित आश्वासन देने पर भी सहमत हुई है।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्य आशुतोष रांका ने बताया कि NEET-UG से प्रभावित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये तक के मुआवजे की मांग सरकार ने सिद्धांततः स्वीकार कर ली है। उन्होंने कहा कि सरकार ने नियमों और कानूनी प्रावधानों के तहत प्रभावित परिवारों को सम्मानजनक मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में सुधार से संबंधित पांच सूत्रीय मांग पत्र भी सरकार को सौंपा है। इस पर विस्तृत चर्चा के लिए लगभग चार सप्ताह बाद फिर बैठक होगी।
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार ने प्रतिनिधिमंडल की सभी प्रमुख मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया है। उन्होंने बताया कि सरकार प्रदर्शन के दौरान दर्ज मामलों की प्रतियां उपलब्ध कराएगी और किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। मुआवजे के मुद्दे पर भी सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाया है और नियमों के अनुसार अधिकतम संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।
नड्डा ने यह भी कहा कि शिक्षा और परीक्षा सुधार से जुड़े पांच सूत्रीय चार्टर पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी तथा प्रतिनिधिमंडल के साथ आगे भी संवाद जारी रखा जाएगा ताकि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जा सके।
सरकार के आश्वासनों के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने फिलहाल अपना आंदोलन समाप्त करने का ऐलान किया है। हालांकि, संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय सीमा में वादों पर अमल नहीं हुआ तो आगे की रणनीति पर पुनः विचार किया जाएगा।
