हरदोई। उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के इतिहास में आज का दिन स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई में 594 किलोमीटर लंबे ‘गंगा एक्सप्रेस-वे’ का भव्य लोकार्पण किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहे।
कनेक्टिविटी ही विकास की आधारशिला: PM मोदी
जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आधुनिक और सुदृढ़ कनेक्टिविटी किसी भी राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए अनिवार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गंगा एक्सप्रेस-वे केवल एक सड़क नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के उद्योग, व्यापार और निवेश के लिए प्रगति का नया द्वार है। प्रधानमंत्री ने डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यूपी अब देश की आर्थिक शक्ति बनकर उभर रहा है।
अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनेगा यह एक्सप्रेस-वे: CM योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परियोजना की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि माँ गंगा के समानांतर बना यह एक्सप्रेस-वे प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ बनेगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने रिकॉर्ड समय में इस विशाल परियोजना को पूरा किया है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में अब तक लगभग 4 लाख किलोमीटर का सड़क नेटवर्क तैयार किया जा चुका है, जो कनेक्टिविटी के मामले में यूपी को अग्रणी बनाता है।
मेरठ से प्रयागराज की दूरी होगी कम
गंगा एक्सप्रेस-वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को सीधे पूर्वी उत्तर प्रदेश से जोड़ेगा। इसके शुरू होने से मेरठ से प्रयागराज तक का सफर न केवल सुरक्षित होगा, बल्कि समय की भी भारी बचत होगी। यह एक्सप्रेस-वे औद्योगिक क्षेत्रों, कृषि मंडियों और प्रमुख धार्मिक स्थलों को एक सूत्र में पिरोने का काम करेगा।
रोजगार और निवेश के खुलेंगे द्वार
विशेषज्ञों के अनुसार, इस एक्सप्रेस-वे के किनारे प्रस्तावित औद्योगिक कॉरिडोर से लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और पर्यटन क्षेत्र में भारी निवेश की उम्मीद है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
