पुरवा, उन्नाव। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुरवा में सोमवार को एएनएम के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं रिस्क असेसमेंट कार्यक्रम आयोजित किया गया। सीएचसी प्रभारी के कक्ष में आयोजित प्रशिक्षण में गर्भवती महिलाओं की समय रहते पहचान कर उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था के मामलों में आवश्यक कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान बीसीपीएम इसहाक अली ने एएनएम को बताया कि गांव स्तर पर गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच और रिस्क असेसमेंट के माध्यम से हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान की जाए। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान खून की कमी, उच्च रक्तचाप, मधुमेह तथा अधिक उम्र में गर्भधारण जैसी स्थितियों की समय रहते पहचान होने पर जच्चा-बच्चा दोनों को गंभीर जोखिम से बचाया जा सकता है।
उन्होंने एएनएम को रिस्क असेसमेंट फॉर्म सही तरीके से भरने, आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से नियमित फॉलोअप कराने तथा जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा जिला अस्पताल रेफर करने के निर्देश दिए।
बीपीएम शिवाकांत ने कहा कि शासन का उद्देश्य प्रत्येक गर्भवती महिला को सुरक्षित प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराना है। इस दिशा में एएनएम की भूमिका महत्वपूर्ण है। वहीं महेश कुमार ने पोर्टल पर डाटा फीडिंग और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान एएनएम ने अपने-अपने क्षेत्रों में आने वाली समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा। अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में बीसीपीएम इसहाक अली, बीपीएम शिवाकांत, महेश कुमार सहित सीएचसी की समस्त एएनएम और स्टाफ मौजूद रहा।
