उन्नाव। उन्नाव पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन ठगी से जुड़े एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। साइबर क्राइम थाना, सर्विलांस सेल और कोतवाली सदर पुलिस की संयुक्त टीम ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 9 स्मार्टफोन बरामद किए हैं। साथ ही साइबर ठगी से जुड़े एक लाख रुपये बैंक खातों में फ्रीज कराए गए हैं। पुलिस अब अन्य संदिग्ध खातों की भी जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ जोन, पुलिस महानिरीक्षक लखनऊ रेंज तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उन्नाव के निर्देशन में की गई।
NCRP पोर्टल की शिकायतों से खुला गिरोह का राज
जांच के दौरान एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर देश के विभिन्न राज्यों और जनपदों से प्राप्त ऑनलाइन वित्तीय साइबर अपराध की शिकायतों का विश्लेषण किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी भोले-भाले लोगों को झांसे में लेकर चेक, कैश और यूपीआई जैसे माध्यमों से ठगी करते थे। इसके बाद फर्जी या म्यूल खातों के जरिए रकम निकालकर आपस में प्रतिशत के हिसाब से बांट लेते थे।
इस मामले में साइबर क्राइम थाना के उपनिरीक्षक सुभाषचंद्र की तहरीर पर कोतवाली सदर में मु.अ.सं. 418/2026 धारा 318(4) एवं 61 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
बैंक स्टेटमेंट और CCTV फुटेज से मिली सफलता
पुलिस ने बैंक स्टेटमेंट, एटीएम सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के सदस्यों की पहचान की। कार्रवाई के दौरान छह आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से साइबर अपराध में प्रयुक्त नौ स्मार्टफोन बरामद किए गए। जांच के दौरान संदिग्ध खातों में मौजूद करीब एक लाख रुपये फ्रीज कराए गए हैं। पुलिस का कहना है कि अन्य खातों की भी जांच जारी है और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें भी फ्रीज कराया जाएगा।
गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में आकाशदीप सोनी, संदर्भ कुमार मिश्रा, फैजान अशरफ, नीरज कुशवाहा, सोम तिवारी तथा अभिज्ञान चौधरी उर्फ आर्यन शामिल हैं। सभी से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।
संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
इस कार्रवाई को साइबर क्राइम थाना, सर्विलांस सेल और कोतवाली सदर पुलिस की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया। टीम में प्रभारी निरीक्षक, निरीक्षक, उपनिरीक्षक, मुख्य आरक्षी, आरक्षी एवं कंप्यूटर ऑपरेटर सहित कई पुलिसकर्मी शामिल रहे।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक या यूपीआई आईडी का उपयोग किसी अन्य के लिए न करें। साइबर ठगी की किसी भी घटना की तुरंत 1930 हेल्पलाइन या NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
