बाराबंकी। पत्रकारों की सुरक्षा और पत्रकारिता की स्वतंत्रता को लेकर देशभर में बहस के बीच जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया (रजि.) ने महाराष्ट्र की तर्ज पर देशभर में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किए जाने की मांग उठाई है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनुराग सक्सेना ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं और जब तक कलमकार सुरक्षित नहीं होंगे, तब तक लोकतंत्र की नींव मजबूत नहीं हो सकती।
डॉ. अनुराग सक्सेना ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। पत्रकार सत्ता के दुरुपयोग पर सवाल उठाने के साथ जनहित के मुद्दों को सामने लाने और समाज में जागरूकता पैदा करने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में भी पत्रकारों और कलमकारों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अनेक पत्रकारों ने अपनी लेखनी के माध्यम से लोगों में जनचेतना जगाई और अंग्रेजी हुकूमत की नीतियों को उजागर किया।
उन्होंने कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी पत्रकारों को सुरक्षा, सम्मान और संरक्षण की गारंटी नहीं मिल पाना चिंता का विषय है। महाराष्ट्र में लागू पत्रकार सुरक्षा कानून को इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि इसी तरह का कानून अन्य राज्यों में भी लागू किया जाना चाहिए।
डॉ. सक्सेना ने कहा कि गैर-मान्यता प्राप्त पत्रकारों को भी संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठानी होगी। पत्रकार सुरक्षा कानून केवल पत्रकारों की सुरक्षा से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा से भी जुड़ा हुआ है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि पत्रकारों के खिलाफ हिंसा, धमकी और दबाव की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही पत्रकारों के लिए बीमा, स्वास्थ्य सुरक्षा और वित्तीय सहायता जैसी योजनाओं को भी मजबूत किए जाने की आवश्यकता है।
जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया (रजि.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि संगठन देशभर के पत्रकारों को संगठित कर उनकी समस्याओं और अधिकारों की आवाज उठाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
वहीं जनपद से जेसीआई जिला कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य इंद्रराज राजपूत ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित होने पर ही वे बिना किसी दबाव के निडर होकर सच को सामने रख सकेंगे। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को सुरक्षित वातावरण मिलना स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए आवश्यक है।
