नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आसियान शिखर सम्मेलन में शामिल न होने को लेकर कई तरह की चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के मुताबिक, मोदी के मलेशिया न जाने की वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से संभावित आमने-सामने मुलाकात और पाकिस्तान मुद्दे पर बातचीत की आशंका बताई जा रही है। हालांकि, सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
राजनयिक सूत्रों का कहना है कि उस समय भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और टैरिफ को लेकर मतभेद चल रहे थे। ऐसे में पीएम मोदी किसी भी विवादास्पद स्थिति से बचना चाहते थे। बताया जा रहा है कि ट्रंप एक बार फिर भारत-पाकिस्तान संघर्षविराम को लेकर अपनी भूमिका का दावा कर सकते थे, जिससे अनचाहा विवाद खड़ा हो सकता था।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पीएम मोदी किसी भी ऐसी बयानबाजी से दूरी बनाना चाहते थे, जिसका असर देश की आंतरिक राजनीति, खासकर चुनावी राज्यों पर पड़ सकता था। उल्लेखनीय है कि 2014 के बाद से प्रधानमंत्री मोदी लगभग हर आसियान बैठक में शामिल होते आए हैं। कोरोना महामारी के दौरान 2020 और 2021 में सम्मेलन वर्चुअल रूप में आयोजित किए गए थे।