35 करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य पर उठाए सवाल, नदियों की सफाई और पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी सरकार को घेरा
लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्य सरकार के वृक्षारोपण अभियान को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का वृक्षारोपण अभियान पर्यावरण संरक्षण से अधिक भ्रष्टाचार का माध्यम बन गया है।
रविवार को जारी अपने बयान में अखिलेश यादव ने कहा कि हर वर्ष बड़े स्तर पर वृक्षारोपण के दावे किए जाते हैं, लेकिन अभियान समाप्त होने के बाद लगाए गए पौधों की देखभाल और संरक्षण पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। उनका आरोप है कि इस तरह के अभियानों में खर्च होने वाले बजट के उपयोग को लेकर पारदर्शिता नहीं दिखाई जाती।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में अवैध रूप से पेड़ों और जंगलों की कटाई जारी है, जिससे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उनके अनुसार यदि सरकार वास्तव में पर्यावरण संरक्षण के प्रति गंभीर है तो केवल पौधे लगाने की घोषणा करने के बजाय उनके संरक्षण और वन क्षेत्रों की सुरक्षा पर भी समान रूप से ध्यान देना चाहिए।
नदियों की सफाई के मुद्दे पर भी सपा अध्यक्ष ने राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि गंगा, यमुना सहित कई नदियों की सफाई के लिए बड़े-बड़े दावे किए गए, लेकिन अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए। उनका कहना है कि प्रदेश की कई नदियां आज भी प्रदूषण की समस्या से जूझ रही हैं।
अखिलेश यादव ने अपनी सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उस समय लखनऊ में गोमती नदी की सफाई और रिवरफ्रंट परियोजना के माध्यम से नदी संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार उन कार्यों को आगे बढ़ाने में सफल नहीं रही।
उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाअभियान की शुरुआत की। इस अभियान के तहत उत्तर प्रदेश में 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। राज्य सरकार का कहना है कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण, हरित क्षेत्र बढ़ाने और जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
(नोट: यह खबर विभिन्न पक्षों के सार्वजनिक बयानों पर आधारित है। आरोपों पर संबंधित पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया आने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जा सकता है।)
