नई दिल्ली। देश में E20 पेट्रोल को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal ने E20 पेट्रोल के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा किया है। वीडियो में वह दिल्ली के कुछ वाहन मालिकों और मैकेनिकों से बातचीत करते नजर आते हैं।
केजरीवाल ने दावा किया कि E20 पेट्रोल के कारण कई वाहनों में फ्यूल पंप, इंजेक्टर और माइलेज से जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं। वीडियो में मौजूद कुछ मैकेनिक और वाहन चालकों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए ऐसी शिकायतें की हैं।
वीडियो देखें:
https://x.com/i/status/2076163441707094498
हालांकि, वीडियो में किए गए इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। केंद्र सरकार या वाहन निर्माताओं की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है जिसमें यह स्वीकार किया गया हो कि E20 पेट्रोल सभी वाहनों को नुकसान पहुंचा रहा है।
क्या है E20 पेट्रोल?
E20 पेट्रोल वह ईंधन है जिसमें 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। केंद्र सरकार का उद्देश्य इथेनॉल मिश्रण बढ़ाकर कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, किसानों की आय बढ़ाना और प्रदूषण में कमी लाना है।
क्या सभी वाहनों पर पड़ता है असर?
विशेषज्ञों के अनुसार, E20 के अनुरूप (E20 Compatible) बनाए गए वाहनों में इसका उपयोग सुरक्षित माना जाता है। वहीं पुराने मॉडल के कुछ वाहनों में निर्माता की सलाह के अनुसार ही इसका इस्तेमाल किया जाना चाहिए। यदि कोई वाहन E20 के लिए उपयुक्त नहीं है या उसमें पहले से तकनीकी खराबी है, तो प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है।
क्यों मचा है विवाद?
केजरीवाल के वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर E20 पेट्रोल को लेकर बहस तेज हो गई है। एक पक्ष इसे वाहनों के लिए नुकसानदायक बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष सरकार और ऑटोमोबाइल कंपनियों के तकनीकी मानकों का हवाला देकर इसे सुरक्षित बता रहा है।
फिलहाल, E20 पेट्रोल को लेकर वायरल वीडियो में किए गए दावों की किसी सरकारी एजेंसी या स्वतंत्र वैज्ञानिक अध्ययन से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में वाहन मालिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने वाहन निर्माता की गाइडलाइन के अनुसार ही ईंधन का उपयोग करें और किसी भी तकनीकी समस्या की स्थिति में अधिकृत सर्विस सेंटर से संपर्क करें।
