नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को उत्तराखंड सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता (UCC), अवैध धर्मांतरण पर रोक, दंगा नियंत्रण और जनसांख्यिकीय बदलाव जैसे मुद्दों पर उठाए गए कदमों की जमकर तारीफ की। उन्होंने इन प्रयासों को “साहसिक और अनुकरणीय” बताते हुए कहा कि अन्य राज्यों को भी उत्तराखंड से प्रेरणा लेनी चाहिए।
उत्तराखंड के गठन की रजत जयंती के अवसर पर देहरादून में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि राज्य सरकार ने धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा नियंत्रण कानून जैसे राष्ट्रीय हित से जुड़े मुद्दों पर मजबूत नीति अपनाई है। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तराखंड सरकार भूमि हड़पने और जनसांख्यिकीय परिवर्तन जैसे संवेदनशील विषयों पर ठोस कदम उठा रही है।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने 8260.72 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का रिमोट के माध्यम से उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की विकास यात्रा में कई बाधाएं आईं, लेकिन “डबल इंजन की बीजेपी सरकार” ने हर चुनौती पर विजय पाई और विकास की गति को बनाए रखा।
पीएम मोदी ने कहा, “मुझे उत्तराखंड से गहरा लगाव है। यहां की पहाड़ी जीवनशैली, लोगों का संघर्ष और परिश्रम हमेशा प्रेरणा देता है। बाबा केदारनाथ के दर्शन के बाद मैंने कहा था — यह दशक उत्तराखंड का होगा, और आज यह बात साकार होती दिख रही है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। उन्होंने राज्य की शिक्षा, पर्यटन, उद्योग, स्वास्थ्य, ऊर्जा और ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में उपलब्धियों की प्रशंसा की।
उन्होंने बताया कि 25 साल पहले राज्य का बजट केवल 4,000 करोड़ रुपये था, जो अब एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। यह परिवर्तन समावेशी विकास और प्रत्येक नागरिक के संकल्प का परिणाम है।
पीएम मोदी ने कहा कि उत्तराखंड में वर्तमान में दो लाख करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजनाएं चल रही हैं, जिनमें ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इसके अलावा, अमृत योजना के तहत देहरादून जलापूर्ति, पिथौरागढ़ में विद्युत उपकेंद्र, सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा संयंत्र, और हल्द्वानी स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ हॉकी मैदान जैसी परियोजनाएं भी राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्य के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
