नई दिल्ली | 14 जनवरी, 2026
लोकतंत्र की जननी कहे जाने वाले भारत में कल संसदीय कूटनीति का एक बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 जनवरी 2026 को सुबह 10:30 बजे संसद भवन (संविधान सदन) के ऐतिहासिक केंद्रीय हॉल में राष्ट्रमंडल देशों के लोकसभा अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन (CSPOC) का भव्य उद्घाटन करेंगे।
दुनिया भर के 61 संसदीय दिग्गज होंगे शामिल
लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला की अध्यक्षता में होने वाले इस सम्मेलन में वैश्विक स्तर पर लोकतांत्रिक देशों की भागीदारी देखने को मिलेगी। इस सम्मेलन में:
- दुनिया के विभिन्न हिस्सों से 42 राष्ट्रमंडल देश हिस्सा ले रहे हैं।
- 4 अर्ध-स्वायत्त संसदों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
- कुल 61 लोकसभा अध्यक्ष और पीठासीन अधिकारी भारत की संसद में विचार-विमर्श करेंगे।
इन मुख्य मुद्दों पर होगी चर्चा
सम्मेलन का एजेंडा समकालीन संसदीय चुनौतियों और भविष्य की तकनीक पर केंद्रित है। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित विषयों पर चर्चा होगी:
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): संसदीय कामकाज में AI का प्रभावी उपयोग।
- सोशल मीडिया का प्रभाव: संसद सदस्यों के कामकाज और छवि पर सोशल मीडिया का असर।
- मजबूत संस्थान: लोकतांत्रिक संस्थाओं को सशक्त बनाने में अध्यक्षों की भूमिका।
- नागरिक भागीदारी: मतदान के अलावा संसदीय प्रक्रियाओं में आम जनता की हिस्सेदारी बढ़ाना।
यह सम्मेलन भारत की सॉफ्ट पावर और वैश्विक लोकतांत्रिक नेतृत्व को प्रदर्शित करने का एक बड़ा मंच साबित होगा।
