जयपुर: पिंक सिटी जयपुर आज भारतीय सेना के शौर्य, अनुशासन और आधुनिकता की गवाह बनी। सेना दिवस के भव्य समारोह में भारतीय सेना ने न केवल अपनी युद्धक क्षमता का प्रदर्शन किया, बल्कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार अपनी ‘परिवर्तनकारी’ छवि को भी दुनिया के सामने रखा।
तकनीक और जांबाजी का अनूठा संगम
परेड के दौरान सेना के सवारों ने अपनी सटीक पैंतरेबाजी और अनुशासित संरचना से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष आकर्षण सेना का कैनाइन (Canine) प्रदर्शन रहा, जहाँ उच्च प्रशिक्षित कुत्तों ने सुरक्षा, खोज अभियान और मिशन सहायता में अपनी जादुई दक्षता दिखाई।
झांकियों में दिखा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और भविष्य का रोडमैप
परेड में प्रस्तुत झांकियों ने भारतीय सेना के दशक भर के परिवर्तनकारी सफर को दर्शाया। इसमें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और नई पीढ़ी के उन्नत उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई गई। वहीं, राजस्थान की ललित कला अकादमी द्वारा राज्य की सांस्कृतिक विरासत और भूदृश्यों को समेटे हुए झांकी ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
सेना अध्यक्ष का संबोधन: “सैनिक का स्थान तकनीक नहीं ले सकती”
सेना अध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सैनिकों और पूर्व सैनिकों के बलिदान को नमन करते हुए भविष्य की सेना का खाका पेश किया। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु रहे:
- आत्मनिर्भरता: उन्होंने कहा कि स्वदेशीकरण अब केवल विकल्प नहीं, बल्कि रणनीतिक आवश्यकता है।
- तकनीक का उद्देश्य: सेना अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि “प्रौद्योगिकी का उद्देश्य सैनिक को सशक्त बनाना है, न कि उसका स्थान लेना।”
- डिजिटल आर्मी: आने वाले समय में नेटवर्किंग, डेटा केंद्रितता और सूचना प्रवाह को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा।
सांस्कृतिक छटा: कालबेलिया से चेंडा तक
समारोह में भारत की विविधता का अनूठा मेल दिखा। राजस्थान के कलाकारों ने कालबेलिया और गैर नृत्य पेश किए, तो मद्रास रेजिमेंट की ‘चेंडा सांस्कृतिक टीम’ के मनमोहक प्रदर्शन ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
शौर्य संध्या: ड्रोन शो और रक्षा मंत्री का आगमन
दिन का समापन एक भव्य ‘शौर्य संध्या’ के साथ होगा, जिसमें माननीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और सेना अध्यक्ष शामिल होंगे।
- प्रमुख आकर्षण: एक हजार ड्रोन का शानदार प्रदर्शन और पारंपरिक मार्शल आर्ट कलारीपयट्टू एवं मलखंब।
- नमन केंद्र: रक्षा मंत्री वर्चुअल माध्यम से कई ‘नमन केंद्रों’ का उद्घाटन करेंगे और वीर शहीदों के परिजनों का अभिनंदन करेंगे
