पुणे | देश के युवाओं को आधुनिक कौशल से लैस करने के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना PM-SETU (प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड ITIs) अब धरातल पर उतरने को तैयार है। सोमवार को पुणे के यशवंतराव चव्हाण विकास प्रशासन अकादमी (YASHADA) में आयोजित एक उच्च स्तरीय परामर्श बैठक में टाटा मोटर्स, महिंद्रा और फिएट जैसी 40 से अधिक दिग्गज कंपनियों ने ITIs को आधुनिक बनाने के लिए अपनी सहमति और उत्साह दिखाया।
प्रमुख बिंदु: उद्योग जगत और सरकार की जुगलबंदी
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) की सचिव सुश्री देबाश्री मुखर्जी और महाराष्ट्र सरकार की अपर मुख्य सचिव सुश्री मनीषा वर्मा के नेतृत्व में हुई इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:
- उद्योग संचालित मॉडल: PM-SETU के तहत ITIs अब ‘सरकारी स्वामित्व’ वाले तो रहेंगे, लेकिन उनका ‘प्रबंधन’ उद्योग जगत के हाथों में होगा।
- हब-एंड-स्पोक मॉडल: देश भर के 1,000 ITIs को अपग्रेड किया जाएगा, जिसमें 200 संस्थान ‘हब’ के रूप में काम करेंगे और 800 ‘स्पोक’ संस्थानों को तकनीक और ट्रेनिंग साझा करेंगे।
- रोजगार की गारंटी: इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य ट्रेनिंग को सीधे नौकरी से जोड़ना है। कंपनियाँ स्वयं पाठ्यक्रम (Curriculum) तैयार करेंगी ताकि युवाओं को वही सिखाया जाए जिसकी ‘शॉपफ्लोर’ पर जरूरत है।
कंपनियों को क्या होगा लाभ?
बैठक में सचिव देबाश्री मुखर्जी ने स्पष्ट किया कि इस योजना से उद्योगों को ‘जॉब-रेडी’ वर्कफोर्स मिलेगी, जिससे उनकी भर्ती और ऑनबोर्डिंग की लागत में भारी कमी आएगी। साथ ही, कंपनियों को आधुनिक लैब और उन्नत उपकरणों तक पहुँच प्राप्त होगी।
”यह योजना केवल बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए नहीं है, बल्कि यह प्रशिक्षण की गुणवत्ता और मापने योग्य प्लेसमेंट परिणामों पर केंद्रित है।” — सुश्री देबाश्री मुखर्जी, सचिव, MSDE
महाराष्ट्र बनेगा रोल मॉडल
महाराष्ट्र सरकार की अपर मुख्य सचिव सुश्री मनीषा वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार इस योजना के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि महाराष्ट्र में ITIs को उच्च गुणवत्ता वाले संस्थानों के रूप में विकसित करने के लिए उद्योग जगत को हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
क्या है PM-SETU योजना?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अक्टूबर 2025 में शुरू की गई इस योजना का कुल बजट ₹60,000 करोड़ है। इसका लक्ष्य अगले 5 वर्षों में भारत के कौशल पारिस्थितिकी तंत्र को पूरी तरह बदलना है ताकि ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को साकार किया जा सके।
फील्ड विजिट: कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और उद्योग प्रतिनिधियों ने ITI औंध और पिंपरी-चिंचवाड़ का दौरा कर जमीनी स्तर पर सुविधाओं का जायजा भी लिया।
ब्यूरो रिपोर्ट, पुणे
