पाटन, उन्नाव। तहसील बीघापुर क्षेत्र में बिहार-सरेनी मार्ग पर बजौरा गांव के सामने स्थित पुल की पहले से पड़ी दरार लोन नदी में आई बाढ़ और तेज जलप्रवाह के कारण और चौड़ी हो गई है। पुल की स्थिति को लेकर ग्रामीणों में चिंता और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने पुल का तत्काल निरीक्षण कराकर मरम्मत कराने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, करीब एक वर्ष पूर्व पुल के निर्माण में आई खामियों के चलते इसमें दरार पड़ गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि दरार की अब तक समुचित मरम्मत नहीं कराई गई। अब लोन नदी में आई बाढ़ के दौरान पुल के नीचे तेज जलप्रवाह होने से दरार और बढ़ गई है। इससे पुल की मजबूती और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
खतरे से बचाने के लिए ग्रामीणों ने रखीं बबूल की झाड़ियां
पुल की बढ़ती दरार को देखते हुए स्थानीय लोगों ने वाहन चालकों को खतरे से आगाह करने के लिए पुल के पास बबूल की झाड़ियां रख दी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुल से लगातार वाहनों का आवागमन हो रहा है। यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
दो दर्जन से अधिक गांवों का जुड़ाव
बिहार से बजौरा होते हुए सरेनी को जोड़ने वाला यह मार्ग क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस मार्ग से जमीपुर, चैनपुर, मवैया समेत दो दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों का आवागमन होता है। ऐसे में पुल की खराब स्थिति से राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल में निर्माण के दौरान आई खामियों को समय रहते दूर नहीं किया गया। अब बाढ़ के तेज बहाव के बाद दरार और बढ़ने से स्थिति गंभीर हो गई है। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों से पुल का स्थलीय निरीक्षण कराकर तत्काल आवश्यक मरम्मत कार्य कराने की मांग की है।
एसडीएम धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि पुल की स्थिति की जानकारी पीडब्ल्यूडी विभाग को दे दी गई है। विभाग को आवश्यक कार्रवाई के लिए अवगत कराया गया है।
